पूर्णिया, 16 दिसंबर (राजेश कुमार झा) साइबर सेल की केंद्रीय एजेंसी cert-in को एक गोपनीय खबर मिली कि पूर्णिया में प्रॉक्सी अर्थ.org वेबसाइट के जरिए आमजनों की निजी एवं गोपनीय जानकारी साझा की जा रही है. सूचना मिलते ही पटना साइबर सेल एवं पटना एसटीएफ हरकत में आई.

उन्होंने अविलंब पूर्णिया साइबर सेल और पूर्णिया एसटीएफ को जानकारी साझा करते हुए एक टीम गठित की और पूर्णिया के मुफस्सिल थानाक्षेत्र के दीपक मंडल और उसके दो पुत्र राकेश मंडल एवं हरीश चंद्र मंडल को 9 मोबाइल,एप्पल टेब,एप्पल मैकबुक,गेमिंग लैपटॉप,कई बैंक पासबुक एवं ATM और 2 लाख 80 हजार कैश के साथ पूछताछ के लिए थाने ले आई.

तकरीबन 48 घंटे की लगातार पूछताछ के बाद राकेश मंडल पिता दीपक मंडल ने पुलिस के समक्ष खुलासा करते हुए बताया कि वो 2024 से आनलाइन तिरंगा सेशन गेमिंग ऐप पर रील बनाकर इंस्टाग्राम और टेलीग्राम में प्रमोट करता था. जिसे बाद में इस गेमिंग ऐप को सरकार ने प्रतिबंधित कर दिया.उसने बताया कि इस गेमिंग ऐप के जरिए रील बनाकर DIU WIN,THE ACT एवं Porn hub जैसे साइट पर प्रमोट करता था. जिससे इसका फॉलोवर्स तकरीबन 10 लाख से अधिक पहुंच गया था.जिससे इस आरोपी को काफी लोगों से दोस्ती हो गई थी.जिससे इस आरोपी को क्रिप्टो करेंसी के जरिए पैसा आने लगा.साइबर सेल की प्रारंभिक जांच में इसके वॉलेट से तकरीबन 1 लाख 94670 डालर पाया गया.जिसका भारतीय मुद्रा में तकरीबन 1 करोड़ 75 लाख रुपया आंका गया.इस आरोपी ने क्रिप्टो करेंसी को भारतीय मुद्रा में बदलने के लिए पूर्वी चंपारण के गोपालगंज से रोहन कुमार पिता नवल पांडे एवं रौनक कुमार का आधार कार्ड एवं मोबाइल सिम का इस्तेमाल कर पैसे की निकासी करता था.उसके बाद ये तीनों आरोपी राकेश मंडल,रोहन कुमार एवं रौनक कुमार मिलकर रील बनाकर प्रमोट करता था.इसके बाद ये तीनों आरोपी एक फर्जी वेबसाइट बनाकर आमजनों से साइबर ठगी करने लगा.ये तीनों आरोपी KULK.FI नाम का वेबसाइट बनाकर क्रिप्टो करेंसी को भारतीय मुद्रा में एक्सेंज करने लगा.जिससे ये तीनों आरोपी ने बहुत कम समय में अकूत संपत्ति अर्जित कर लिया.मीडिया को जानकारी देते हुए एडिशनल एसपी आलोक रंजन ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से किसी भी आमजनों की निजी जानकारी एवं संवेदनशील डाटा को लीक करना एवं अवैध तरीके से सुरक्षित एवं गोपनीय डाटा खरीद बिक्री करना एवं आम आदमी की निजता का उल्लंघन करना और प्रतिबंधित गेमिंग ऐप को प्रमोट करना एक संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है.साथ ही प्रतिबंधित वेबसाइट बना कर अवैध तरीके से धन अर्जित करना भी एक संज्ञेय अपराध है.इसके तहत आईटी एक्ट के विनिमय धारा एवं The binig of unreguleted deposite scheme act 2019 एवं इंडियन टेलीकॉम एक्ट के विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की जाएगी.

