नई दिल्ली, 28 नवम्बर (अशोक अश्क) ऑस्ट्रेलिया के प्रतिष्ठित लोवी इंस्टीट्यूट ने 2025 का एशिया पावर इंडेक्स जारी किया है, जिसमें 27 देशों की मिलिट्री, इकोनॉमिक, डिप्लोमैटिक और कल्चरल ताकत का विस्तृत आंकलन किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, चीन अब एशिया की सबसे बड़ी ताकतों में से एक बनकर उभरा है, जबकि भारत लगातार अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है।

अमेरिका का क्षेत्रीय असर पिछले सालों की तुलना में घटा है।जापान ने भी अपनी स्थिति में सुधार किया है और रूस, जो 2019 के बाद कमजोर पड़ा था, अब एशिया में मजबूत वापसी कर चुका है। यूक्रेन युद्ध के बाद लगे प्रतिबंधों के बावजूद रूस ने चीन और उत्तर कोरिया के साथ अपनी स्ट्रेटेजिक और आर्थिक साझेदारी के दम पर पांचवीं सबसे असरदार शक्ति बनकर उभर कर दिखाया।रिपोर्ट आठ थीमैटिक एरिया के आधार पर देशों को रैंक करती है, जिनमें मिलिट्री कैपेसिटी, डिफेंस नेटवर्क, इकोनॉमिक ताकत, डिप्लोमैटिक असर और कल्चरल पहुंच शामिल हैं। टॉप पावर में अमेरिका (80.5) और चीन (73.7) ‘सुपर पावर’ हैं, जबकि भारत (40.0) ‘मेजर पावर’ श्रेणी में आ गया है।विशेषज्ञों के अनुसार भारत की ताकत लगातार बढ़ रही है, लेकिन इसके डिप्लोमैटिक और इकोनॉमिक असर में और विस्तार की गुंजाइश है। वहीं, पाकिस्तान टॉप 10 में नहीं है और उसे 16वां स्थान मिला है।एशिया में पावर बैलेंस में यह बदलाव वैश्विक रणनीति और क्षेत्रीय साझेदारियों में नए अध्याय का संकेत देता है।

