पटना, 04 दिसम्बर (पटना डेस्क) बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। शिक्षा विभाग ने वर्ष 2026 का स्कूल अवकाश कैलेंडर जारी कर दिया है, जिसमें कुल 75 दिन की छुट्टियों का प्रावधान किया गया है। हालांकि इनमें से 10 छुट्टियां रविवार को पड़ने के कारण प्रभावी अवकाश 65 दिन का रहेगा।

विभाग का कहना है कि छुट्टियों का यह संतुलित बंटवारा छात्रों की पढ़ाई को बिना प्रभावित किए त्योहारों का पूरा आनंद दिलाने के उद्देश्य से किया गया है। गर्मी और सर्दी की छुट्टियाँ तय कैलेंडर के अनुसार, ग्रीष्मावकाश 1 जून से 20 जून तक रहेगा। भीषण गर्मी में यह 20 दिन का ब्रेक छात्रों को राहत देने के साथ पढ़ाई को तरोताज़ा करने का मौका भी देगा। वहीं साल के अंत में 25 दिसंबर से 31 दिसंबर तक सात दिन का शीतावकाश घोषित किया गया है। त्योहारों पर मिलेगी लंबी छुट्टी गर्मी की छुट्टियों के बाद सबसे लंबा अवकाश 7 नवंबर से 17 नवंबर तक तय किया गया है, जो दीपावली, भैया दूज और छठ पर्व को कवर करता है। राज्य में इन त्योहारों के विशेष महत्व को देखते हुए 10 दिन की छुट्टी दी गई है। इसके अलावा 11 से 21 अक्टूबर तक दुर्गा पूजा अवकाश रहेगा, जिसमें महाअष्टमी से विजयादशमी तक की महत्वपूर्ण तिथियाँ शामिल हैं। 2026 का छुट्टी कैलेंडर घोषित मकर संक्रांति, बसंत पंचमी, होली, ईद, महावीर जयंती, गांधी जयंती से लेकर जीवितपुत्रिका व्रत तक कुल 36 प्रमुख अवकाश सूचीबद्ध किए गए हैं। साथ ही ईद, बकरीद और मुहर्रम की तिथियाँ चाँद दिखने पर बदल सकती हैं। छात्रों के लिए होमवर्क अनिवार्य शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि गर्मी, दीपावली, छठ और शीतकालीन अवकाश के दौरान छात्रों को अनिवार्य रूप से होमवर्क और प्रोजेक्ट वर्क दिया जाएगा। स्कूल खुलने पर शिक्षकों को इसका मूल्यांकन करना होगा, ताकि छुट्टियों में भी बच्चों की पढ़ाई निरंतर जारी रहे।बिहार के छात्रों के लिए यह कैलेंडर एक ओर जहाँ त्योहारों का उल्लास बढ़ाएगा, वहीं पढ़ाई को भी सही दिशा में बनाए रखने में मदद करेगा।

