पटना, 18 दिसम्बर (पटना डेस्क) बिहार सरकार के योजना एवं विकास विभाग में पदस्थापित एक कनीय अभियंता की कथित काली कमाई का सनसनीखेज मामला उस समय उजागर हो गया, जब उसकी ही बहन ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर की गई कार्रवाई में करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति सामने आने से विभागीय हलकों में हड़कंप मच गया है।

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के डीएसपी शशि शेखर चौधरी ने बताया कि स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, कार्य प्रमंडल-1 में पदस्थापित कनीय अभियंता मो. अंसारूल हक पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप था। प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद थाना कांड संख्या 113/25 दर्ज कर छापेमारी का निर्णय लिया गया।मुजफ्फरपुर स्थित विशेष निगरानी न्यायालय से सर्च वारंट मिलने के बाद चार टीमों ने दरभंगा और मधुबनी में एक साथ छापेमारी की। दरभंगा के लालबाग थाना क्षेत्र में स्थित दो आवास, एक कार्यालय तथा मधुबनी के लदनियां स्थित पैतृक घर की तलाशी ली गई।छापेमारी के दौरान 20 बैंक खाते, जमीन-जायदाद के दस्तावेज, बीमा निवेश के कागजात बरामद किए गए। इसके अलावा एक लाइसेंसी 9 एमएम पिस्टल, एक कार, एक मिनी ट्रक और एक ग्लैमर बाइक भी जब्त की गई।प्रारंभिक जांच में 1 करोड़ 46 लाख 95 हजार 530 रुपये की अवैध संपत्ति का आकलन किया गया है, जो उनकी ज्ञात आय से करीब साढ़े पांच गुना अधिक है। निगरानी अब सभी संपत्तियों के स्रोत की गहन जांच में जुटी है।निगरानी अधिकारियों के अनुसार, अभियंता फिलहाल छुट्टी पर दिल्ली गए हुए हैं। उल्लेखनीय है कि अंसारूल हक ने महज चार महीने पहले ही योजना एवं विकास विभाग में योगदान दिया था, जिससे मामला और भी चौंकाने वाला बन गया है।

