
पटना, 10 जनवरी (पटना डेस्क) बिहार की राजनीति में एक बार फिर अंदरूनी घमासान खुलकर सामने आ गया है। राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर एक भावुक लेकिन बेहद तीखा पोस्ट साझा कर राजनीतिक हलकों में खलबली मचा दी है। उन्होंने भले ही किसी का नाम नहीं लिया हो, लेकिन सियासी गलियारों में इसे उनके भाई और राजद के कद्दावर नेता तेजस्वी यादव पर सीधा हमला माना जा रहा है।

रोहिणी आचार्य ने अपने पोस्ट में लिखा कि “बड़ी शिद्दत से बनाई और खड़ी की गई बड़ी विरासत को तहस-नहस करने के लिए परायों की जरूरत नहीं होती, अपने और अपनों के कुछ षड्यंत्रकारी ‘नए बने अपने’ ही काफी होते हैं।” उन्होंने आगे लिखा कि हैरानी तब होती है जब जिसकी वजह से पहचान और वजूद होता है, उसी पहचान को मिटाने पर अपने ही आमादा हो जाते हैं। उनके इस बयान ने राजद की आंतरिक राजनीति पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

बीते कुछ समय से रोहिणी आचार्य के लगातार सोशल मीडिया पोस्ट पार्टी के भीतर चल रही खींचतान को उजागर करते नजर आ रहे हैं। इससे पहले भी उन्होंने नेतृत्व शैली और फैसलों को लेकर अप्रत्यक्ष रूप से नाराजगी जताई थी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह पोस्ट राजद में बढ़ते असंतोष और सत्ता संतुलन को लेकर चल रही खामोश लड़ाई का संकेत है।हालांकि रोहिणी ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन विरासत, पहचान और अपने-पराए जैसे शब्दों ने साफ कर दिया है कि यह तीर तेजस्वी यादव की हालिया राजनीतिक रणनीतियों की ओर इशारा करता है। माना जा रहा है कि यह मामला अब केवल राजनीति तक सीमित नहीं, बल्कि पारिवारिक और वैचारिक टकराव का रूप लेता जा रहा है।

