
नई दिल्ली, 14 जनवरी (अशोक “अश्क”) प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में नौ लाख से अधिक आवासों का निर्माण लंबित है। केंद्र सरकार से राशि का भुगतान नहीं होने के कारण यह स्थिति हुई है। भुगतान रुकने से आवास निर्माण की गति बेहद धीमी हो गयी है। 12.20 लाख लक्ष्य के विरुद्ध अब तक मात्र 2.85 लाख आवास ही पूर्ण हो सके हैं। ग्रामीण विकास विभाग के पदाधिकारी बताते हैं कि पिछले पांच महीने से केंद्र ने राशि जारी नहीं की है।

विभाग ने पिछले महीने पुरानी व्यवस्था के तहत मार्च, 2026 तक भुगतान जारी रखने का आग्रह किया था, पर केंद्र सहमत नहीं हुआ।
केंद्र सरकार का स्पष्ट कहना है कि अब नयी व्यवस्था से ही भुगतान होगा, जिसकी प्रक्रिया राज्य शीघ्र पूरी करे। इस योजना में भुगतान प्रणाली बदली गयी है।

नयी व्यवस्था के अनुसार राशि सीधे आरबीआई से जारी होगी।
पहले राशि निकासी कर दूसरे बैंक में जमा होती थी, फिर लाभुकों के खातों में भुगतान किया जाता था। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र नयी तकनीकी व्यवस्था तैयार कर रहा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में दो चरणों में करीब सात लाख आवासों की स्वीकृति मिली थी।
2025-26 में अप्रैल में साढ़े पांच लाख और आवास स्वीकृत हुए।
राज्य में 12.20 लाख लाभुकों को राशि मिलनी है।
पर प्रगति फिलहाल चिंताजनक बनी हुई है। बतायी

