
पटना, 14 जनवरी (पटना डेस्क) बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से अधिकारियों की मनमानी और न्यायिक आदेशों की अनदेखी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। शराबबंदी कानून के तहत जब्त स्कॉर्पियो को कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद नीलाम कर दिया गया।पटना हाई कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए इकोनॉमिक ऑफेंस यूनिट को प्राथमिकी दर्ज करने और कार्रवाई का आदेश दिया। इसके बाद तत्कालीन उत्पाद अधीक्षक, एक डीएसपी, सकरा थानाध्यक्ष और एक दारोगा के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई।

मामला वर्ष 2020 का है। मुशहरी निवासी सुशील कुमार सिंह की गाड़ी को सकरा पुलिस ने शराब ले जाने के आरोप में जब्त किया था। अदालत ने याचिका स्वीकार कर वाहन छोड़ने का आदेश दिया, लेकिन थाने स्तर पर आदेश दबा दिया गया। महीनों की टालमटोल के बाद भी राहत नहीं मिली।बाद में थानाध्यक्ष ने कोर्ट को बताया कि मार्च 2023 में गाड़ी राज्यसात कर नीलाम कर दी गई। यह खुला न्यायिक आदेश उल्लंघन था।हाई कोर्ट ने इसे आपराधिक साजिश मानते हुए ईओयू को केस दर्ज करने का निर्देश दिया।

एफआईआर में भ्रष्टाचार, अवमानना और सत्ता दुरुपयोग के आरोप लगाए गए, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। जांच में दोषियों पर सख्त कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है, पूरे मामले ने सिस्टम हिला दिया।

