पूर्णिया (राजेश कुमार झा) बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। महागठबंधन के तमाम प्रमुख नेता इन दिनों राज्यभर में वोटर अधिकार यात्रा निकाल रहे हैं। इसी कड़ी में रविवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी, राजद नेता तेजस्वी यादव, भाकपा माले के दीपांकर भट्टाचार्य और वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी समेत कई दिग्गज नेता अररिया पहुंचे, जहां संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने चुनाव आयोग पर निशाना साधा और लोकतंत्र की रक्षा की बात कही।

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक दिलचस्प वाकया उस समय देखने को मिला, जब पत्रकार ने तेजस्वी यादव से चिराग पासवान के एक बयान को लेकर सवाल पूछा। पत्रकार ने पूछा कि एलजेपी (रामविलास) प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान कह रहे हैं कि तेजस्वी अब कांग्रेस के पिछलग्गू बनकर घूम रहे हैं, इस पर आपकी क्या प्रतिक्रिया है?
इस सवाल पर राहुल गांधी ने मुस्कुराते हुए माइक तेजस्वी यादव की ओर बढ़ा दिया। तेजस्वी यादव ने चुटकी लेते हुए कहा,
“भाई, चिराग पासवान किनके हनुमान हैं, यह किसी से छुपा नहीं है। हम लोग जनता के हनुमान हैं, वो व्यक्ति विशेष के हनुमान हो सकते हैं।”
तेजस्वी ने आगे कहा, “हम चाहेंगे कि मुद्दे की बात हो। चिराग पासवान आज का मुद्दा नहीं हैं, और ना ही जनता अब उन्हें गंभीरता से लेती है। इस समय देश में लोकतंत्र की हत्या की जा रही है, संविधान को मिटाया जा रहा है। हमें इन गंभीर मुद्दों पर बात करनी चाहिए, न कि चिराग पासवान जैसे नेताओं पर।”
इसके बाद तेजस्वी ने मुस्कुराते हुए कहा, “चिराग पासवान हमारे बड़े भाई हैं, हम उन्हें यही सलाह देंगे कि अब शादी कर लें।”
तेजस्वी के इस हल्के-फुल्के बयान के बाद जैसे ही उन्होंने माइक राहुल गांधी को लौटाया, राहुल ने तुरंत हँसते हुए कहा, “ये बात मेरे लिए भी लागू होती है।” इसपर प्रेस वार्ता में मौजूद अन्य नेता भी ठहाके लगाकर हंस पड़े और माहौल कुछ देर के लिए हल्का-फुल्का हो गया।
तेजस्वी यादव के इस बयान ने जहां प्रेस वार्ता को सहज बना दिया, वहीं राजनीतिक गलियारों में एक नई चर्चा को जन्म दे दिया। तेजस्वी ने ना केवल चिराग पर निशाना साधा बल्कि अपने जवाब में व्यंग्य और हास्य का ऐसा मिश्रण किया कि सवाल भी खत्म हुआ और माहौल भी सहज बना।
प्रेस वार्ता के दौरान नेताओं ने केंद्र सरकार पर भी कई हमले किए और कहा कि महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य के मुद्दों पर सरकार विफल रही है। उन्होंने चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि “चुनाव आयोग निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रहा, संविधान के मूल्यों की रक्षा अब जनता के हाथ में है।”
बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर जैसे-जैसे तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे नेताओं के बीच जुबानी जंग भी तेज होती जा रही है। चिराग पासवान पर तेजस्वी यादव का यह बयान आने वाले दिनों में सियासी बयानबाजी को और तेज कर सकता है।

