
पूर्णिया, 23 जनवरी (राजेश कुमार झा) कल यानि शनिवार दिनांक 24 जनवरी से लेकर 26 जनवरी तक यानि तीन दिन बैंक की छुट्टी रहेगी. जिसकी वजह से आप अपना महत्वपूर्ण काम को अवश्य निपटा लें.क्योंकि हो सकता है कि तीन दिन की बैंक की छुट्टी के बाद यानि मंगलवार से बैंक कर्मी सप्ताह में हर शनिवार की छुट्टी की अपनी मुख्य मांगों को लेकर हड़ताल पर जा सकते है.

अगर ऐसा हुआ तो स्थिति बिगड़ सकती है. सूत्रों की मानें तो पूरे सीमांचल ने प्रतिदिन तकरीबन 600 करोड़ के ट्रांजेक्शन पर असर पड़ सकता है.अब सवाल ये उठता है बैंक कौन चलाता है. यूनियन या सरकार और मैनेजमेंट,या यूनियन,सरकार और मैनेजमेंट तीनों की सहमति से बैंक चलता है. बताते चलें कि अगले तीन दिनों में ये तय हो जाएगा कि यूनियन के इशारों पर बैंक चलेगी या सरकार और मैनेजमेंट के नियमों से चलेगी. लेकिन अगर बैंक यूनियन की बात करें तो यूएफबीयू पूर्णिया के अध्यक्ष रवि शंकर,वाइस प्रेसिडेंट AIPNBOA दीपक कुमार झा,वर्किंग प्रेसिडेंट AIPNBOA राहुल कुमार, AGS PNBEU BIHAR गौतम कुमार,प्रेसिडेंट AIPNBOA पूर्णिया के अमित कुमार ने बातचीत में बताये की बैंक कर्मियों ने हमेशा राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. हमलोगों की ये मांगे वर्षों से लंबित है.

उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थिति में पांच दिवसीय बैंकिंग प्रणाली होने से कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ेगी.हमलोग आपके बिफोरप्रिंट डिजिटल मीडिया की तरफ से सरकार और मैनेजमेंट से अपील करते है कि बैंक कर्मियों की मांग पर गंभीरता से विचार किया जाय.अन्यथा 27 जनवरी को प्रस्तावित हड़ताल के साथ आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा.दूसरी तरफ सरकार और मैनेजमेंट जब इस प्रस्तावित हड़ताल को लेकर बातचीत करने की कोशिश की तो सभी ने बोलने से परहेज किया.

