गाद व गंदगी में दफन हुई गंडक, 80 फीसदी नदी का तल सूखा कमजोर बाढ़, प्रदूषण व डी-सिल्टिंग की अनदेखी ने नदी को जकड़ा, जल-जीवन-जीविका तीनों पर मंडरा रहा खतरा

गोपालगंज, 23 जनवरी (निज संवाददाता) जिले की जीवनदायिनी कही जाने वाली गंडक नदी इस समय खुद संकट से गुजर रही है। साल भर प्रवाह से लबालब रहने वाली यह नदी जनवरी महीने में ही लगभग 80 प्रतिशत सूख चुकी है। करीब डेढ़ किलोमीटर चौड़ाई में बहने वाली गंडक की मुख्य धारा सिमटकर महज 100 मीटर में रह गई है। आमतौर पर मई-जून में जलस्तर घटता है, लेकिन इस बार समय से कई पांच महीने पहले ही हालात चिंताजनक हो गए हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने दशकों में गंडक की ऐसी स्थिति कभी नहीं देखी।

नदी की तलहटी में जमी मोटी गाद,रेत एवं गंदगी ने इसके प्राकृतिक प्रवाह को लगभग अवरुद्ध कर दिया है। यदि शीघ्र ही डी-सिल्टिंग,प्रदूषण नियंत्रण और नदी प्रबंधन पर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह संकट स्थायी रूप ले सकता है।एक्सपर्ट व्यू : संकट के तीन बड़े कारण1. कमजोर वर्षा और गाद का बोझमहेन्द्र महिला कॉलेज के प्रो. पंकज कुमार के अनुसार,गंडक के असामान्य रूप से सूखने के पीछे तीन मुख्य कारण हैं-जिले में वर्षा की भारी कमी, मानसून में कमजोर बाढ़ और वर्षों से जमा होती गाद। नदी का प्राकृतिक प्रवाह गाद के बोझ तले दब चुका है, जिसके कारण जनवरी में ही नदी तल सूखा दिखाई दे रहा है।2. जलधारण क्षमता में गिरावटकमला राय कॉलेज की व्याख्याता डॉ. अंजली श्रीवास्तव बताती हैं कि गंडक की तलहटी में जमी मोटी गाद और रेत ने नदी की जलधारण क्षमता को बेहद कम कर दिया है।

पानी को फैलने की जगह नहीं मिल पाती,जिससे वह या तो तेजी से आगे निकल जाता है या वाष्पीकरण के कारण खत्म हो जाता है। यही वजह है कि गर्मी शुरू होने से पहले ही नदी संकट के मुहाने पर खड़ी है।3. भू-जल और जीविका पर सीधा असरस्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता अभय पांडेय के अनुसार, गाद और गंदगी से भरी नदी न तो भू-जल को रिचार्ज कर पा रही है और न ही जलीय जीवों को सहारा दे रही है। जल का ठहराव खत्म होने से भू-जलस्तर तेजी से नीचे जा रहा है। इसका सीधा असर मछली पालन, सिंचाई और ग्रामीण आजीविका पर पड़ रहा है।बारिश की भारी कमी ने बढ़ाया संकटकृषि समन्वयक सुधीर कुमार वर्मा के अनुसार जिले की सामान्य वार्षिक वर्षा 1020 मिमी मानी जाती है,जबकि पिछले वर्ष मात्र 732 मिमी बारिश दर्ज की गई। यानी सामान्य से करीब 28.3 प्रतिशत कम वर्षा हुई। इस कमी के कारण नदी,तालाब और जलाशय समय से पहले सूखने लगे।कमजोर बाढ़ का दुष्प्रभावनेपाल स्थित गंडक के जलग्रहण क्षेत्र में भी वर्ष 2025 के दौरान पर्याप्त वर्षा नहीं हुई। बाढ़ के मौसम में हाई लेवल फ्लो कमजोर रहा। 2024 और उससे पहले के वर्षों की तुलना में इस बार गंडक को पर्याप्त बाढ़ का पानी नहीं मिल सका, जिससे नदी का प्राकृतिक रीचार्ज नहीं हो पाया।जानें…संभावित साइड इफेक्टपर्यावरणीय संकट और गहराएगाभू-जलस्तर और नीचे जाएगापेयजल की समस्या बढ़ेगीजलीय जीवों के अस्तित्व पर खतरासिंचाई व्यवस्था प्रभावित होगीअनाज उत्पादन घट सकता है।मछली पालन पर सीधा असर पड़ेगागंडक नदी : एक नजरकुल लंबाई : 765 किमीजिले में लंबाई : 79 किमीतटवर्ती प्रखंड : 06 निकलने वाली नदियां : 05 जिले में प्रवेश बिंदु : अहिरौली दानजिले की अंतिम सीमा : आशा खैरा

More From Author

NEET छात्रा की मौत पर सियासी भूचाल: पप्पू यादव का बड़ा आरोप, किस मंत्री के बेटे को बचा रही है बिहार पुलिस

राजशाही परंपरा की भव्य वापसी: दरभंगा महारानी कामसुंदरी देवी का श्राद्ध आधुनिक ठाठ-बाट के साथ संपन्न

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

loader-image
Weather
Patna, IN
2:44 pm, Feb 4, 2026
temperature icon 24°C
Sunny
Humidity: 50 %
Pressure: 1018 mb
Wind: 13 mph
Wind Gust: 15 mph
Clouds: 0%
Visibility: 6 km
Sunrise: 6:31 am
Sunset: 5:36 pm
  • Temperature
  • Precipitation
  • Rain Chance
  • Wind
  • Humidity
  • Pressure
3:00 pm
temperature icon
21°/27°°C 0 mm 0% 11 mph 37% 1015 mb 0 cm
6:00 pm
temperature icon
18°/20°°C 0 mm 0% 8 mph 48% 1017 mb 0 cm
9:00 pm
temperature icon
16°/17°°C 0 mm 0% 8 mph 54% 1017 mb 0 cm
12:00 am
temperature icon
13°/15°°C 0 mm 0% 8 mph 57% 1016 mb 0 cm
3:00 am
temperature icon
11°/13°°C 0 mm 0% 7 mph 63% 1016 mb 0 cm
6:00 am
temperature icon
11°/16°°C 0 mm 0% 9 mph 61% 1018 mb 0 cm
9:00 am
temperature icon
19°/24°°C 0 mm 0% 12 mph 37% 1019 mb 0 cm
12:00 pm
temperature icon
25°/26°°C 0 mm 0% 13 mph 25% 1016 mb 0 cm