
नई दिल्ली, 24 जनवरी (अशोक “अश्क”) उत्तर भारत में एक बार फिर मौसम ने अचानक करवट ले ली है। मैदानी इलाकों में बारिश और पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी से ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। दिल्ली-एनसीआर में बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे गलन ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। हालांकि 10 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवाओं के कारण वायु गुणवत्ता में सुधार देखने को मिला है। लोधी रोड और एनएसआईटी द्वारका समेत कई इलाकों में एक्यूआई मध्यम स्तर पर पहुंच गया है।शनिवार सुबह दिल्ली में आसमान साफ नजर आया, लेकिन ठंडी हवाओं के चलते ठिठुरन बनी रही।

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में ठंड से फिलहाल राहत की उम्मीद कम है। वहीं पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है।हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी के कारण 565 सड़कें बंद हो गई हैं, जिनमें दो राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल हैं। करीब 4800 बिजली ट्रांसफॉर्मर ठप होने से कई इलाकों में अंधेरा पसरा हुआ है। मनाली के पास कोठी गांव में सबसे ज्यादा 15 सेंटीमीटर बर्फबारी दर्ज की गई है, जबकि शिमला में भी बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है। मौसम विभाग ने 24 और 25 जनवरी को ऊंचाई वाले इलाकों में और भारी बर्फबारी की चेतावनी देते हुए कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है।

उत्तराखंड में भी मौसम का असर साफ दिख रहा है। मसूरी, धनौल्टी, नैनीताल और उत्तरकाशी में सीजन की पहली बर्फबारी से ठंड बढ़ गई है। 2000 मीटर से ऊपर के इलाकों में बर्फबारी जारी रहने की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बर्फबारी से पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, लेकिन फिसलन भरी सड़कों पर आवाजाही चुनौती बनी हुई है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

