
पटना, 24 जनवरी (सेंट्रल डेस्क) अंतरराष्ट्रीय शिक्षा दिवस एवं राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर शुक्रवार को पटना के बोरिंग रोड चौराहा स्थित ब्रिटिश लिंगुआ में “जब शिक्षा बालिकाओं को सशक्त बनाती है, समाज रूपांतरित होता है” विषय पर एक विचारोत्तेजक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शिक्षाविदों, विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं नागरिक समाज के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए प्रख्यात शिक्षाविद, लेखक एवं सामाजिक चिंतक डॉ. बीरबल झा ने कहा कि भारत की सामाजिक और आर्थिक प्रगति की कुंजी बालिकाओं की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में निहित है।डॉ. झा ने कहा,“किसी बालिका को शिक्षित करना दया का कार्य नहीं, बल्कि राष्ट्र-निर्माण का संकल्प है।

जब एक बालिका शिक्षित होती है, तो उसके साथ पीढ़ियाँ आगे बढ़ती हैं।”शिक्षा के व्यापक उद्देश्य पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा को केवल साक्षरता या रोजगार तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि वह गरिमा, आत्मविश्वास और निर्णय-क्षमता का माध्यम होनी चाहिए।“शिक्षा केवल डिग्रियों का नाम नहीं है; यह स्वर, विकल्प और आत्मविश्वास का नाम है। सच्ची शिक्षा बालिका को अनुयायी नहीं, नेतृत्वकर्ता बनाती है।”डॉ. झा ने कहा कि नीतिगत ढांचे और संवैधानिक संरक्षणों के बावजूद देश के अनेक हिस्सों में सामाजिक सोच और संरचनात्मक बाधाएँ आज भी बालिकाओं के पूर्ण शैक्षिक सशक्तिकरण में अवरोध बनी हुई हैं।“आज की सबसे बड़ी चुनौती केवल अवसरों की नहीं, बल्कि दृष्टिकोण की है। हमें आत्ममंथन करना होगा कि हम अपनी बेटियों को सचमुच उड़ान दे रहे हैं या केवल उनकी बेड़ियाँ ढीली कर रहे हैं।

”अंतरराष्ट्रीय शिक्षा दिवस और राष्ट्रीय बालिका दिवस का एक ही दिन पड़ना प्रतीकात्मक बताते हुए उन्होंने कहा,“कोई भी शिक्षा-नीति तब तक पूर्ण नहीं मानी जा सकती, जब तक उसके केंद्र में बालिका न हो।”उन्होंने शिक्षकों और शैक्षणिक संस्थानों से आह्वान किया कि वे ऐसी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा दें जो संचार कौशल, आलोचनात्मक चिंतन, नैतिक मूल्यों और आत्मविश्वास का विकास करे, विशेष रूप से बालिकाओं में।“आज प्रश्न यह नहीं है कि हम बालिकाओं को शिक्षा दे सकते हैं या नहीं, असली प्रश्न यह है कि क्या भारत उन्हें शिक्षित किए बिना आगे बढ़ सकता है?”संगोष्ठी का समापन इस सामूहिक संकल्प के साथ हुआ कि समावेशी, प्रगतिशील और विकसित भारत के निर्माण के लिए बालिकाओं की शिक्षा में निरंतर और सजग निवेश अनिवार्य है।

