पटना (अशोक “अश्क”) राजधानी पटना का जेपी गंगा पथ अब न केवल एक शानदार सड़क परियोजना है, बल्कि जल्द ही यह शहर का प्रमुख पर्यटन स्थल भी बनने जा रहा है। गंगा किनारे प्रोजेक्ट के तहत इसे नया रूप देने की तैयारी जोरों पर है। यहां पर गंगा के विभिन्न नामों जैसे मंदाकिनी, भागीरथी, सुरसरिता, अलकनंदा और जाह्नवी के नाम पर 15 भव्य आर्च गेट बनाए जा रहे हैं, जो इस ऐतिहासिक नदी की सांस्कृतिक महत्ता को दर्शाएंगे।

पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड की जनसंपर्क अधिकारी प्रिया सौरभ ने बताया कि दीघा रोटरी से एलसीटी घाट के बीच करीब 3 किलोमीटर क्षेत्र में सुंदरीकरण, पौधारोपण, जिगजैग पाथवे और सेल्फी प्वाइंट जैसी संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा।
इस परियोजना पर कुल 52.81 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। 13,500 वर्गफीट में लैंडस्केपिंग होगी और चेन्नई के कलाकार इन आर्च गेटों का निर्माण करेंगे। इन गेटों की ऊंचाई 25 फीट होगी और इन पर गंगा के पौराणिक नाम उकेरे जाएंगे।
जेपी गंगा पथ पर लोकनायक जयप्रकाश नारायण और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 12 फीट ऊंची थ्री-डी म्यूरल भी लगाई जाएगी। ये म्यूरल्स जीआरसी से तैयार की जाएंगी, जिसमें सीमेंट, बालू, पानी और ग्लास फाइबर का इस्तेमाल होगा। इन म्यूरल्स के पास सेल्फी प्वाइंट और आर्किटेक्चरल लाइटिंग भी होगी। इस कार्य को दिल्ली के कारीगर अंजाम देंगे।
दीघा गोलंबर के पास इस प्रोजेक्ट के तहत 500 फैब्रिकेटेड दुकानों की भी योजना है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। फूड कोर्ट के प्रवेश द्वार को भी आकर्षक तरीके से सजाया जाएगा। पूरे क्षेत्र में डेकोरेटिव लाइट, गार्डन लाइट और पोस्ट लाइट लगाई जाएंगी। साथ ही राजस्थान के लाइमस्टोन से 8,000 वर्गफीट फ्लोरिंग भी की जाएगी।
जेपी गंगा पथ आज पटना के हर वर्ग के लोगों के लिए पसंदीदा जगह बनता जा रहा है। सुबह सैर, शाम में घूमना, और रात में चमचमाती लाइटों के बीच समय बिताना अब आम बात हो गई है।
यहां आने वाले लोग फूड कोर्ट में लजीज व्यंजनों का आनंद लेते हैं और मनोरंजन के तमाम साधनों जैसे घुड़सवारी, बैटरीवाली कार की सैर, वर्चुअल रियलिटी गेम्स, गंगा में नौकायन और भी अन्य तरह के मनोरंजन का लुत्फ उठाते हैं।
इस परियोजना से न केवल शहर को सुंदरता मिलेगी, बल्कि बिहार की सांस्कृतिक और पौराणिक विरासत को भी बढ़ावा मिलेगा। आने वाले महीनों में जब ये कार्य पूरे होंगे, तो जेपी गंगा पथ पटना का एक प्रमुख टूरिज्म हब बन जाएगा, जहां से गंगा की भव्यता और बिहार की सांस्कृतिक गरिमा एक साथ झलकेंगी।

