
समस्तीपुर, 29 जनवरी (समस्तीपुर डेस्क) बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समस्तीपुर की धरती से राज्य के भविष्य को लेकर बड़ा और सनसनीखेज दावा किया है। उन्होंने पूर्ण विश्वास के साथ कहा कि वर्ष 2030 तक बिहार देश के विकसित राज्यों की श्रेणी में अपना प्रमुख स्थान बना लेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास में केंद्र सरकार की भरपूर आर्थिक सहायता मिल रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हर स्तर पर सहयोग बिहार को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहा है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समस्तीपुर जिला मुख्यालय से करीब पांच किलोमीटर दूर जितवारपुर गांव स्थित हाउसिंग बोर्ड मैदान में आयोजित ‘समृद्धि यात्रा’ की विशाल सभा को संबोधित कर रहे थे। अपने संबोधन में उन्होंने लोगों से 2005 से पहले के हालात को याद करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब 24 नवंबर 2005 को पहली बार मुख्यमंत्री बने थे, तब बिहार समस्याओं से घिरा हुआ था। कानून-व्यवस्था, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य हर क्षेत्र बदहाल था, लेकिन जनता के विश्वास के बल पर एक-एक कर समस्याओं का समाधान किया गया।

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राज्य की मूलभूत समस्याओं का अब काफी हद तक समाधान हो चुका है, हालांकि अभी बहुत काम बाकी है। इन अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए सरकार ने ‘7 निश्चय फेज-3’ के तहत ठोस योजना बनाई है। उन्होंने कहा कि 2030 तक एक करोड़ युवाओं को रोजगार देने और आम आदमी की आय दोगुनी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए उद्योगपतियों को मुफ्त जमीन देकर बड़े उद्योग स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है।महिलाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि जीविका दीदियों के माध्यम से गांव से शहर तक कमजोर वर्ग की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त किया जा रहा है। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि बिहार में जितनी महिलाओं को पुलिस सेवा में अवसर मिला है, उतना किसी अन्य राज्य में नहीं हुआ।

स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पुल-पुलिया और रोजगार के क्षेत्र में हुई उपलब्धियों के साथ-साथ सरकार की कमियों पर भी उन्होंने खुलकर बात की।सभा की अध्यक्षता जदयू के वरिष्ठ नेता दुर्गेश राय ने की। सभा को जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, केंद्रीय राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, मंत्री विजय कुमार चौधरी, श्रवण कुमार, विधायक राजकुमार राय, महेश्वर हजारी और अश्वमेध देवी ने भी संबोधित किया।सभा से पहले मुख्यमंत्री ने 827 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।

कार्यक्रम के बाद जिला समाहरणालय में विकास कार्यों की समीक्षा भी की गई।

