
पटना, 30 जनवरी (सेंट्रल डेस्क) बिहार में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत जीविका से जुड़ी दीदियों को व्यवसाय शुरू करने के लिए दो लाख रुपये तक की सहायता राशि देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसकी जानकारी स्वयं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया के माध्यम से दी, जिसके बाद योजना को लेकर महिलाओं में उत्साह का माहौल है।

गुरुवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि राज्य की महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना का लक्ष्य है कि प्रत्येक परिवार की एक महिला स्वरोजगार के माध्यम से उद्यमी बने।मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना के प्रथम चरण में प्रत्येक चयनित महिला को 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई थी। अब तक 1 करोड़ 56 लाख लाभुकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से राशि भेजी जा चुकी है।

ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में शेष आवेदकों को भी शीघ्र भुगतान किया जाएगा।योजना के तहत रोजगार शुरू करने के छह माह बाद आकलन कर 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता देने का प्रावधान है। यह राशि चरणबद्ध रूप से दी जाएगी, बशर्ते कि पूर्व में मिली राशि का सही उपयोग किया गया हो। सफल उद्यम की स्थिति में एकमुश्त सहायता भी दी जा सकेगी।सरकार ने विभाग को निर्देश दिया है कि महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों की मार्केटिंग सुनिश्चित की जाए और उन्हें पोशाक निर्माण, सुधा बिक्री केंद्र व दीदी की रसोई जैसी योजनाओं से जोड़ा जाए। इससे राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पलायन पर भी रोक लगेगी।

