
नई दिल्ली, 01 फरवरी (अशोक “अश्क”) केंद्रीय बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पर्यटन क्षेत्र को देश की अर्थव्यवस्था का नया ग्रोथ इंजन बनाने का बड़ा रोडमैप पेश किया है. सरकार का मानना है कि इस पहल से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और विदेशी मुद्रा की आमदनी में रिकॉर्ड उछाल आएगा. बजट में पर्यटन को अब केवल घूमने फिरने का साधन नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य और आर्थिक मजबूती का आधार बताया गया है.

वित्त मंत्री ने पर्यटन को वर्ल्ड क्लास बनाने के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी की स्थापना की घोषणा की. यह संस्थान होटल मैनेजमेंट काउंसिल को अपग्रेड कर बनाया जाएगा, जहां होटल, होमस्टे और लॉज संचालकों को अंतरराष्ट्रीय मानकों की ट्रेनिंग मिलेगी. इससे देश में आने वाले पर्यटकों को बेहतर सेवाएं और अनुभव मिल सकेंगे.पर्यटन गाइडों को पेशेवर बनाने के लिए सरकार IIM के सहयोग से विशेष पायलट योजना शुरू करेगी. 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों के 10,000 गाइडों को 12 सप्ताह की आधुनिक ट्रेनिंग दी जाएगी, जिसमें व्यवहार, संवाद और तकनीक का उपयोग शामिल होगा.

डिजिटल इंडिया के तहत नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड तैयार किया जाएगा, जिसमें भारत की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत दर्ज होगी. इससे शोध, कंटेंट और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा.साथ ही इको टूरिज्म और सस्टेनेबल माउंटेन ट्रेल्स पर निवेश होगा. हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू कश्मीर से लेकर अराकू घाटी.

