
नई दिल्ली, 01 फरवरी (अशोक “अश्क”) वैश्विक अर्थव्यवस्था में शक्ति संतुलन तेजी से बदल रहा है और भारत इसकी अगुवाई करता दिख रहा है. इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) के ताजा आंकड़ों के आधार पर दुनिया के दिग्गज उद्योगपति एलन मस्क ने कहा है कि “दुनिया में शक्ति का संतुलन बदल रहा है.” मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक चार्ट साझा करते हुए यह टिप्पणी की, जो आईएमएफ के जनवरी 2026 के अनुमानों पर आधारित है.आईएमएफ के अनुसार, वर्ष 2026 में वैश्विक रियल जीडीपी वृद्धि में भारत का योगदान 17 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो अमेरिका के 9.9 प्रतिशत योगदान से कहीं अधिक है.

इस सूची में चीन पहले, भारत दूसरे और अमेरिका तीसरे स्थान पर है. रिपोर्ट बताती है कि चीन और भारत मिलकर वैश्विक आर्थिक वृद्धि में कुल 43.6 प्रतिशत का योगदान देंगे, जिसमें चीन का हिस्सा 26.6 प्रतिशत रहेगा.एलन मस्क की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय सामने आई है, जब वैश्विक अर्थव्यवस्था अस्थिरता, भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ते व्यापारिक टकरावों से जूझ रही है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा चीन और भारत जैसे देशों पर लगाए गए कड़े टैरिफ भी इसकी बड़ी वजह माने जा रहे हैं.आईएमएफ का मानना है कि वैश्विक आर्थिक केंद्र पश्चिम से खिसककर एशिया की ओर बढ़ रहा है. 2026 में वैश्विक वृद्धि दर 3.3 प्रतिशत और 2027 में 3.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है.

मजबूत तकनीकी निवेश, अनुकूल वित्तीय हालात और निजी क्षेत्र की मजबूती को बेहतर प्रदर्शन का कारण बताया गया है.भारत के लिए आईएमएफ ने 2025 की विकास दर का अनुमान बढ़ाकर 7.3 प्रतिशत किया है, हालांकि 2026-27 में इसके 6.4 प्रतिशत पर आने की संभावना जताई गई है. इसके बावजूद भारत वैश्विक ग्रोथ का सबसे मजबूत स्तंभ बनकर उभर रहा है.

