
पूर्णिया, 05 फरवरी (राजेश कुमार झा) बॉडीगार्ड को लेकर घूमना महज एक दिखावा है. जिनके पास पैसा है तो उनकी पहली पसंद है बॉडीगार्ड.अगर आप किन्ही से पूछो कि अगर आपके पास पैसा आ जाय तो आप सबसे पहले क्या करेंगे. तो उनका जवाब होता है बॉडीगार्ड.उनका कहना है कि आखिर लोग-बाग,समाज, रिश्तेदार,अपने-पराये कैसे समझेंगे कि मुझको पैसा है.

इसके लिये सबसे अच्छा और दिखाने का रास्ता है बॉडीगार्ड. बताते चलें कि निजी बॉडीगार्ड सप्लाई करने वाली कंपनी ने बिफोरप्रिंट डिजिटल से बातचीत में बताया कि पूर्णिया जिले में तकरीबन 10 से अधिक लोगों के पास मेरी कंपनी के लड़के बॉडीगार्ड के तौर पर काम कर रहे है.सूरज बिहारी हत्याकांड पर उन्होंने बताया कि अधिकतर लोग निजी बॉडीगार्ड को लेकर या तो रिल्स बनाते है या समाज में दिखावे के लिये रखते है. ताकि लोग उनको नोटिस में रखे.बहुत ऐसे भी लोग है जो निजी बॉडीगार्ड का इस्तेमाल जगह जमीन कब्जाने में भी करते है.अगर सब कुछ ठीक ठाक रहा तो बहुत अच्छा. वरना अगर कहीं कोई मामला हो गया तो कंपनी पर भी कई तरह की जांच शुरू हो जाती है.

और उन कंपनियों का लाइसेंस भी रद्द हो जाता है. आजकल सरकारें भी बहुत सख्त हो गई है.अब कोई भी कंपनी किन्हीं को भी निजी बॉडीगार्ड मुहैया करवाती है तो उनकी भी सरकार या जिला प्रशासन कई तरह की जांच-पड़ताल करती है.कंपनी भी जिनको निजी बॉडीगार्ड मुहैया करवाती है.वो भी उनकी पूरी जांच-पड़ताल करने के बाद ही देती है.

