
पटना, 05 फरवरी (अविनाश कुमार) बिहार में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने की तैयारी तेज हो गई है। पटना जिले के मोकामा स्थित केंद्र सरकार के अधीन आने वाले सार्वजनिक क्षेत्र के बंद पड़े उद्योगों की जमीन को अब बिहार सरकार अपने कब्जे में लेने की दिशा में कदम बढ़ाने जा रही है। इस संबंध में राज्य सरकार का उद्योग विभाग केंद्र सरकार को पत्र लिखेगा। यह अहम घोषणा मंगलवार को बिहार विधान परिषद में उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने की।

दरअसल, जदयू के विधान पार्षद नीरज कुमार ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए सदन में यह मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि वैश्वीकरण और नई आर्थिक नीति के बाद बिहार के कई सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योग बंद हो गए, लेकिन उनकी कीमती जमीन आज भी केंद्र सरकार के स्वामित्व में खाली पड़ी है। नीरज कुमार ने नेशनल टेक्सटाइल कॉरपोरेशन की मुजफ्फरपुर स्थित एमडीपी इकाई और मोकामा की भारत वैगन फैक्ट्री का उदाहरण देते हुए कहा कि इन स्थानों पर बाउंड्री वॉल, आधारभूत संरचना और पर्याप्त भूमि मौजूद है, फिर भी उसका कोई उपयोग नहीं हो रहा।उन्होंने कटिहार जूट मिल, डालमिया नगर मिल सहित अन्य बंद उद्योगों का भी जिक्र किया और मांग की कि राज्य सरकार केंद्र से समन्वय कर इन जमीनों को औद्योगिक निवेश के लिए उपयोग में लाए।

जवाब में उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने बताया कि मोकामा अंचल में करीब 40 एकड़ जमीन उपलब्ध है, जिसमें भारत वैगन की जमीन भी शामिल है। सरकार इस जमीन को केंद्र से लेकर वहां उद्योग स्थापित करना चाहती है।मंत्री ने यह भी बताया कि राज्य में औद्योगिक विकास के लिए बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है। सीतामढ़ी, वैशाली, मधुबनी, रोहतास, शिवसागर, नवादा, अरवल, नालंदा, मुंगेर, भागलपुर, कटिहार, औरंगाबाद, मुजफ्फरपुर, सुपौल और सिवान सहित कई जिलों में हजारों एकड़ जमीन ली जा रही है। इसी क्रम में मोकामा की बंद पड़ी भारत वैगन की जमीन को भी अधिग्रहित करने के लिए केंद्र को पत्र भेजा जाएगा।

