
बक्सर, 05 फरवरी (विक्रांत) डुमराँव अनुमंडल के सुप्रसिद्ध डी. के. कॉलेज, डुमराँव ने शिक्षा के क्षेत्र में एक नई ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर पूरे इलाके का मान बढ़ाया है। महाविद्यालय को “इंस्टीट्यूट ऑफ इम्पोर्टेंस” के रूप में द्वितीय चरण 2027 से 2030 के लिए प्रस्तावित किया गया है। यह उपलब्धि कॉलेज के शैक्षणिक इतिहास में मील का पत्थर मानी जा रही है।इस महत्वपूर्ण सफलता का श्रेय महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. वीणा कुमारी के दूरदर्शी नेतृत्व, सतत मार्गदर्शन और अथक परिश्रम को दिया जा रहा है।

उनके नेतृत्व में कॉलेज ने शैक्षणिक गुणवत्ता, नवाचार और अनुशासित शैक्षणिक वातावरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।महाविद्यालय के शिक्षकगण, कर्मचारी और विद्यार्थियों के सामूहिक प्रयास ने इस उपलब्धि को संभव बनाया। विशेष रूप से एआईएसएचई समन्वयक श्री अरबाब खान की सक्रिय और प्रभावी भूमिका को अत्यंत सराहनीय बताया जा रहा है।“इंस्टीट्यूट ऑफ इम्पोर्टेंस” का दर्जा मिलने से कॉलेज में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा, शोध, नवाचार और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को नई गति मिलेगी।

यह उपलब्धि न केवल डी. के. कॉलेज बल्कि पूरे क्षेत्र और बिहार की शैक्षणिक प्रगति के लिए प्रेरणास्रोत बन रही है।इस अवसर पर प्राचार्या प्रो. वीणा कुमारी ने कॉलेज परिवार को बधाई देते हुए इसे सामूहिक मेहनत का परिणाम बताया। वहीं भूगोल विभाग के प्रध्यापक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने कहा कि महाविद्यालय परिवार चहुमुखी विकास के लिए एकजुट होकर कार्य करता रहेगा।

