
बक्स, 06 फरवरी (विक्रांत) बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के अंतर्गत वीर कुंवर सिंह कृषि महाविद्यालय, डुमरांव (बक्सर) के लिए यह गर्व का क्षण है। यहां कार्यरत कनीय वैज्ञानिक-सह-सहायक प्राध्यापक डॉ. रघुवर साहू को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद–भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली द्वारा प्रतिष्ठित “NABARD Researcher of the Year–2025” अवार्ड के लिए नामित किया गया है। यह सम्मान उन्हें 13 फरवरी को आईसीएआर-आईएआरआई, नई दिल्ली के वार्षिक दीक्षांत समारोह में प्रदान किया जाएगा।

डॉ. साहू को यह अवार्ड बांका जिले में आदिवासी उपयोजना के तहत ग्रामीण आदिवासी समुदाय के उत्थान, कृषि, बागवानी एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने तथा NICRA परियोजना के अंतर्गत सुखाड़ प्रभावित क्षेत्रों में तकनीकी हस्तक्षेप से उत्पादन बढ़ाने के लिए दिया जा रहा है। उन्होंने सुकुल अग्नि पंक्ति प्रदर्शन के माध्यम से दलहन एवं तिलहन उत्पादन में वृद्धि, जलवायु अनुकूल कृषि में नवाचार और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है।डॉ. साहू ने FPO, SHG और किसान क्लब के माध्यम से किसानों की क्षमता संवर्धन कर उनकी आय और जीवन स्तर सुधारने में अहम भूमिका निभाई है।

बांका जिले में कस्टम हायरिंग सेंटर, वाटर हार्वेस्टिंग, समेकित कृषि प्रणाली, कम्युनिटी राइस नर्सरी, कृषक पुस्तकालय, सीड-कम-फोडर बैंक और बीज ग्राम जैसे नवाचार उनकी पहचान बने हैं। डुमरांव कृषि कॉलेज में भी वे शोध और प्रसार कार्यों के जरिए किसानों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने में निरंतर जुटे हैं। पूर्व में भी उन्हें कई राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार मिल चुके हैं। यह सम्मान न केवल डॉ. साहू बल्कि बिहार कृषि विश्वविद्यालय की बढ़ती राष्ट्रीय प्रतिष्ठा का प्रतीक माना जा रहा है।

