
बक्सर, 09 फरवरी (विक्रांत) भागलपुर जिले के सबौर प्रखंड अंतर्गत ग्राम राजंदीपुर में बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर द्वारा संचालित ग्रामीण कृषि मौसम सेवा (GKMS) योजना के तहत सोमवार को एक दिवसीय वर्कशॉप-सह-किसान जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। “दक्षिण बिहार में कृषि की सहनशीलता बढ़ाने हेतु जलवायु-स्मार्ट कृषि मौसम सलाह सेवाएँ” विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम का मार्गदर्शन सस्य विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. संजय कुमार ने किया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को बदलते जलवायु परिदृश्य के प्रति सचेत करना, मौसम आधारित कृषि निर्णयों को बढ़ावा देना तथा टिकाऊ और लाभकारी खेती को प्रोत्साहित करना रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय किसान, कृषि वैज्ञानिक, कृषि समन्वयक और ग्रामीण युवा शामिल हुए। उद्घाटन सत्र में वैज्ञानिकों ने अनियमित वर्षा, तापमान में उतार-चढ़ाव, सूखा और बाढ़ जैसी जलवायु चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की।डॉ. बिरेंद्र कुमार ने GKMS की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसके माध्यम से किसानों को साप्ताहिक मौसम पूर्वानुमान, फसल प्रबंधन, कीट-रोग नियंत्रण और आपदा से बचाव की जानकारी मोबाइल और व्हाट्सएप के जरिए दी जाती है।

वहीं डॉ. एम. के. सिंह ने जल संरक्षण, शून्य जुताई, मल्चिंग, उन्नत बीज और श्री अन्न की खेती को अपनाने की सलाह दी।डॉ. हरिओम ने फसल विविधीकरण को जोखिम कम करने का प्रभावी उपाय बताया, जबकि डॉ. नेहा पारीक ने स्थान-विशिष्ट मौसम सलाह के महत्व को उदाहरणों के साथ समझाया। कार्यक्रम ने किसानों में नई उम्मीद और जागरूकता का संचार किया।

