
बक्सर, 09 फरवरी (विक्रांत) दानापुर मंडल द्वारा परिचालित दो पेंडुलम फास्ट पैसेंजर ट्रेनें इन दिनों दैनिक यात्रियों के बीच खासा चर्चा का विषय बनी हुई हैं। पटना-बक्सर और झाझा-दानापुर के बीच चल रही ये ट्रेनें सरकारी कर्मचारियों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और निजी संस्थानों में कार्यरत कर्मियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं साबित हो रही हैं।

समयबद्ध संचालन और तेज रफ्तार ने इन्हें यात्रियों की पहली पसंद बना दिया है।दानापुर मंडल ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इन ट्रेनों को पेंडुलम सेवा के रूप में संचालित किया है, जिससे यात्री सुबह राजधानी पटना पहुंचकर दिनभर अपना काम निपटाकर शाम को समय से अपने घर लौट पा रहे हैं। इन ट्रेनों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इनमें मधेपुरा में निर्मित अत्याधुनिक और उच्च शक्ति वाले WAG-12 इंजन का उपयोग किया जा रहा है, जो उच्च कोटि के इंजनों में शुमार है।

पटना-बक्सर पेंडुलम सेवा के तहत गाड़ी संख्या 53202 बक्सर से सुबह 6:30 बजे खुलकर विभिन्न प्रमुख स्टेशनों पर रुकते हुए 9:15 बजे पटना जंक्शन पहुंचती है। वापसी में गाड़ी संख्या 53201 पटना से संध्या 5:40 बजे चलकर रात 8:35 बजे बक्सर पहुंचती है। वहीं झाझा-दानापुर पेंडुलम सेवा के अंतर्गत गाड़ी संख्या 53203 झाझा से तड़के 3:40 बजे खुलकर कई स्टेशनों से होते हुए सुबह 9:00 बजे दानापुर पहुंचती है, जबकि वापसी में गाड़ी संख्या 53204 दानापुर से शाम 5:25 बजे चलकर रात 10:30 बजे झाझा पहुंचती है।दैनिक यात्री राम प्रवेश ने बताया कि यह सेवा लगभग समय पर चलती है, जिससे कार्य निपटाकर लौटना आसान हो गया है।

उन्होंने कहा कि रोजाना यात्रा करते-करते कई सहयात्री मित्र बन गए हैं। इन ट्रेनों की लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पटना एम्स, आईजीआईएमएस और पीएमसीएच में इलाज कराने वाले मरीज भी इन्हें प्राथमिकता दे रहे हैं।इन पेंडुलम ट्रेनों में यात्रियों के लिए शौचालय की सुविधा उपलब्ध है। 2 से 8 फरवरी 2026 के बीच यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जो इन ट्रेनों की बढ़ती उपयोगिता और भरोसे को दर्शाती है।

