
पूर्णिया, 11 फरवरी (राजेश कुमार झा) दौलत आने पर लोगों की सबसे बड़ी चाह होती है विधायक या सांसद बनना.जिसको लेकर संजीव मिश्रा की दिली इच्छा थी कि वो सुपौल छातापुर से एक बार विधायक बने.जिसको लेकर संजीव ने छातापुर में कई विकास के काम किए.हर महीने-दो महीने में तरह-तरह के इवेंट करना.हजारों लोगों को लजीज भोजन करवाना.

जिसमें संजीव ने करोड़ों खर्च किये.जिसको लेकर संजीव बेहतरीन पार्टी किया करते थे.जिसमें बिहार के कई बड़े एवं रसूखदार नेता,अफसरों की इंट्री हुआ करती थी.इस तरह से संजीव की सत्ता के गलियारों में अच्छी पैठ बन चुकी थी.

जिसकी वजह से संजीव मिश्रा का पैर जमीन पर टिकता ही नहीं था. हर दिन बड़े-बड़े नेताओं के साथ उठना-बैठना इनकी दिनचर्या में शामिल हो चुका था. जिसकी वजह से संजीव मिश्रा का पूरा ध्यान अपने धंधे में कम और राजनीति में ज्यादा दिखने लगा.लेकिन कहते है कि हमेशा सब का वक्त एक जैसा नहीं रहता है.

