नालन्दा 27 अगस्त (अशोक “अश्क”) बिहार के नालंदा जिले में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब ग्रामीणों ने राज्य सरकार के मंत्री और जेडीयू नेता श्रवण कुमार के काफिले पर हमला कर दिया। यह घटना हिलसा थाना क्षेत्र के मलावां गांव की है, जहां श्रवण कुमार दो दिन पहले हुए एक सड़क हादसे में मारे गए 9 लोगों के परिजनों से मिलने पहुंचे थे। हादसे में मारे गए सभी लोग जीविका समूह से जुड़ी महिलाएं थीं।

जानकारी के मुताबिक, मंत्री के साथ स्थानीय विधायक प्रेम मुखिया भी मृतकों के परिजनों से मुलाकात करने गए थे। लेकिन जब मुलाकात के बाद दोनों नेता गांव से बाहर निकलने लगे, तभी ग्रामीणों ने अचानक हमला कर दिया। काफिले पर ईंट-पत्थर चलाए गए और अफरातफरी का माहौल बन गया। हमले में मंत्री के कई सुरक्षाकर्मी घायल हो गए, जबकि मंत्री और विधायक किसी तरह वहां से भागकर जान बचाने में सफल रहे।
बताया जा रहा है कि ग्रामीण घटना से बेहद आक्रोशित थे और उन्होंने मंत्री के काफिले का करीब एक किलोमीटर तक पीछा किया। नाराजगी की वजह प्रशासन की कथित लापरवाही और हादसे के बाद की सरकारी प्रतिक्रिया को लेकर असंतोष बताया जा रहा है। घटना के बाद गांव में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है और क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।
घटना को लेकर मंत्री श्रवण कुमार ने कहा, “मैं मृतकों के परिजनों से मिलने और सरकार की तरफ से दी जा रही सहायता का जायजा लेने पहुंचा था। यह दुखद घटना है, लेकिन मुझे नहीं पता कि कुछ लोग क्यों नाराज थे। मैं तो सिर्फ संवेदना प्रकट करने गया था।”
वहीं, नालंदा जिला प्रशासन ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है और मामले की जांच की जा रही है। पुलिस ने हमले में शामिल लोगों की पहचान शुरू कर दी है और जल्द ही दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने राज्य की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

