
दरभंगा, 07 मार्च (अजय राय) जिले के सिंहवाड़ा प्रखंड के बहुआरा बुजुर्ग गांव की रहने वाली डॉ. नरगिस परवीन अचानक चर्चा में आ गईं, जब सोशल मीडिया पर वायरल एक सूची में उन्हें संघ लोकसेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 2025 के टॉपर्स में 51वां स्थान हासिल करने वाला बताया गया। सूची सामने आते ही परिवार और पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों ने बधाइयों का सिलसिला शुरू कर दिया और गांव में जश्न जैसा माहौल बन गया।दरअसल, डॉ. नरगिस परवीन फिलहाल (DMCH) में जूनियर रेजिडेंट के तौर पर कार्यरत हैं।

उनके डॉक्टर होने और पढ़ाई में अच्छे प्रदर्शन की वजह से किसी को इस सूची पर शक भी नहीं हुआ। लेकिन कुछ ही समय बाद खुद नरगिस परवीन ने स्पष्ट किया कि यूपीएससी की आधिकारिक सूची में उनका नाम शामिल नहीं है। उन्होंने बताया कि किसी ने फर्जी सूची तैयार कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी, जिसमें उनका नाम भी जोड़ दिया गया था।डॉ. नरगिस परवीन के पिता मो. साजिद और मां समीदा खातून मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। चार भाई-बहनों में नरगिस सबसे बड़ी हैं और उनके तीन छोटे भाई हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद माता-पिता ने बच्चों की शिक्षा में कोई कमी नहीं आने दी।नरगिस की शुरुआती पढ़ाई गांव के मध्य विद्यालय से हुई।

इसके बाद उन्होंने नौवीं और दसवीं की पढ़ाई पिण्डारुच हाई स्कूल से पूरी की, जबकि इंटरमीडिएट की शिक्षा दरभंगा के प्रतिष्ठित CM Science College से प्राप्त की।उन्होंने पहले ही प्रयास में (NEET) पास कर DMCH में दाखिला लिया और वहीं से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की। वर्तमान में वह अस्पताल के गायनिक विभाग में जूनियर रेजिडेंट के रूप में कार्यरत हैं।नरगिस ने कहा कि मरीजों का इलाज करते हुए वह यूपीएससी की तैयारी भी कर रही थीं, लेकिन फर्जी सूची में अपना नाम देखकर वह खुद भी हैरान रह गईं। उनके अनुसार, “किसी के इस मजाक से समाज में गलत संदेश चला गया, जिससे हमें काफी असहज स्थिति का सामना करना पड़ा।”

