
पटना, 07 मार्च (अविनाश कुमार) बिहार की राजनीति में शनिवार की सुबह बड़ा घटनाक्रम सामने आया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सहमति के बाद उनके पुत्र निशांत कुमार ने सक्रिय राजनीति में कदम बढ़ा दिया है। शनिवार सुबह उन्होंने जदयू नेताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर आगे की रणनीति पर चर्चा की। यह बैठक संजय झा के आवास पर हुई, जिसमें मंत्री श्रवण कुमार, विजय कुमार चौधरी समेत करीब 29 विधायक शामिल हुए।सूत्रों के अनुसार बैठक में पार्टी की मौजूदा स्थिति और आगे की राजनीतिक रणनीति पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।

इसी बीच जानकारी यह भी मिली है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज अपने गृह क्षेत्र बख्तियारपुर जाएंगे, जहां वे चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे।दरअसल, मुख्यमंत्री के राज्यसभा जाने की खबर सामने आने के बाद Janata Dal (United) के कार्यकर्ताओं में जबरदस्त नाराजगी देखने को मिली। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि सीएम हाउस जा रहे संजय गांधी को भी कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ा और उन्हें वहां से लौटना पड़ा। जदयू के प्रदेश कार्यालय में भी कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया।बढ़ते विरोध को देखते हुए मुख्यमंत्री आवास पर विधायकों और एमएलसी की आपात बैठक बुलाई गई। इस दौरान नीतीश कुमार ने नेताओं से माहौल शांत करने की अपील की।

सूत्रों के मुताबिक बैठक के दौरान वे भावुक भी हो गए।वहीं जदयू की महिला कार्यकर्ताओं में भी भारी नाराजगी देखी जा रही है। उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं—संजय गांधी, संजय झा, राजीव रंजन सिंह और विजय चौधरी—पर गंभीर आरोप लगाए। महिला कार्यकर्ताओं का कहना है कि इन नेताओं ने भाजपा के इशारे पर पार्टी के भीतर साजिश रची है।आक्रोशित महिला कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि अगर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा जाते हैं तो वे बड़ा आंदोलन करेंगी। इस बयान के बाद बिहार की सियासत और गरमा गई है।

