
बक्सर, 9 मार्च (विक्रांत) देश की पहली डिजिटल जनगणना 2027 को लेकर बक्सर जिले में प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में सोमवार को समाहरणालय परिसर स्थित नए सभागार में जिला पदाधिकारी श्रीमती साहिला की अध्यक्षता में जनगणना प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला, अनुमंडल और प्रखंड स्तर के अधिकारियों को जनगणना की नई डिजिटल प्रणाली से अवगत कराया जा रहा है।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी ने बताया कि जनगणना से संबंधित प्रशिक्षण 9 मार्च से 14 मार्च 2026 तक आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले चरण में 9 मार्च से 11 मार्च तक जिला स्तरीय पदाधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जबकि दूसरे चरण में 12 मार्च से 14 मार्च तक अनुमंडल और प्रखंड स्तर के पदाधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा

प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए राज्य स्तर से दो विशेषज्ञ प्रशिक्षकों को बक्सर भेजा गया है, जो अधिकारियों को जनगणना की पूरी प्रक्रिया, डिजिटल डेटा संग्रहण और मॉनिटरिंग प्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दे रहे हैं। अधिकारियों को यह भी बताया जा रहा है कि किस प्रकार मोबाइल ऐप के माध्यम से घर-घर जाकर आंकड़े एकत्र किए जाएंगे और उनकी निगरानी केंद्रीय पोर्टल के जरिए की जाएगी।जिला पदाधिकारी ने कहा कि जनगणना 2027 देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें डेटा संग्रहण का कार्य मोबाइल ऐप से किया जाएगा।

इससे आंकड़ों की पारदर्शिता, सटीकता और तेजी से उपलब्धता सुनिश्चित होगी।उन्होंने बताया कि जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी। पहले चरण में मकान सूचीकरण का कार्य 2 मई 2026 से 31 मई 2026 तक किया जाएगा, जबकि स्वगणना की प्रक्रिया 17 अप्रैल 2026 से 1 मई 2026 तक चलेगी। दूसरे चरण में वास्तविक जनगणना का कार्य मार्च 2027 तक पूरा किया जाएगा। इसके बाद 1 मार्च से 5 मार्च 2027 तक रिविजन राउंड चलाया जाएगा, जिसमें छूटे हुए विवरणों को जोड़ा जाएगा।प्रशासन का मानना है कि इस डिजिटल प्रणाली से जनगणना की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में भी सटीक आंकड़ों का लाभ मिलेगा।

