
पटना, 11 मार्च (अविनाश कुमार) बिहार में राजस्व सेवा के कर्मचारियों और अधिकारियों की हड़ताल के बीच डिप्टी सीएम एवं राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री Vijay Kumar Sinha ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकारी आदेशों की अवहेलना किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कर्मचारियों को नौकरी करनी है तो उन्हें नियमों का पालन करना होगा और जनता की सेवा के लिए पूरी जिम्मेदारी से काम करना होगा।

डिप्टी सीएम ने बताया कि विभाग ने राजस्व कर्मचारियों को पंचायत भवन या पंचायत स्तर पर किसी अन्य स्थान पर बैठकर काम करने का निर्देश दिया था, ताकि आम लोगों को जमीन से जुड़े कार्यों के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े। लेकिन कई कर्मचारियों ने इस आदेश का पालन नहीं किया। इसके बाद सरकार ने उपस्थिति और कार्य की निगरानी के लिए वीडियो कॉलिंग के माध्यम से जांच की व्यवस्था शुरू की। इसी के बाद कई कर्मचारी हड़ताल पर चले गए।उन्होंने कहा कि पहले कई कर्मचारी बिना तय स्थान के खुलेआम घूमते रहते थे, जिससे आम जनता को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता था।

सरकार ने व्यवस्था को पारदर्शी और सुचारु बनाने के लिए पंचायत स्तर पर बैठने का निर्णय लिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि हड़ताल पर जाने वाले कर्मचारियों की हड़ताल अवधि की गणना की जा रही है और जो कर्मचारी आदेशों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर सेवा से बर्खास्तगी तक की कार्रवाई भी संभव है।इधर अंचल अधिकारियों की हड़ताल के बीच डिप्टी सीएम ने भूमि एवं सुधार विभाग के अधिकारियों को भूमि सर्वेक्षण कार्य की गति तेज करने का निर्देश दिया है। राज्य सरकार ने दिसंबर 2027 तक पूरे बिहार में विशेष भूमि सर्वेक्षण और बंदोबस्त कार्य पूरा करने का लक्ष्य तय किया है।उन्होंने कहा कि यह कार्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सर्वेक्षण पूरा होने से भूमि अभिलेख पूरी तरह अद्यतन और पारदर्शी होंगे, जिससे जमीन विवादों में कमी आएगी और आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। इस उद्देश्य से विभागीय समीक्षा बैठक कर प्रगति की लगातार निगरानी की जा रही है।

