
पटना, 12 मार्च (अविनाश कुमार) बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य की एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया X पर किए गए एक लंबे पोस्ट में उन्होंने दावा किया कि 21 साल के शासन के बावजूद बिहार विकास के लगभग सभी पैमानों पर देश का सबसे पिछड़ा राज्य बना हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां बिहार की जनता गरीबी, बेरोजगारी और पलायन की मार झेल रही है, वहीं सत्ता में बैठे नेता केवल अपनी कुर्सी बचाने की राजनीति में उलझे हुए हैं। तेजस्वी यादव ने अपनी पोस्ट में बिहार को “अनोखा और अनूठा राज्य” बताते हुए लिखा कि दशकों के शासन के बाद भी राज्य देश का सबसे गरीब प्रदेश बना हुआ है।

उन्होंने कहा कि 21 वर्षों की एनडीए सरकार विकास के मामले में पूरी तरह “जीरो” साबित हुई है। उनका कहना था कि विकास के सभी मानकों, मानदंडों और सूचकांकों में बिहार सबसे पीछे है, लेकिन इन तथ्यों पर सरकार की कोई जवाबदेही तय नहीं होती।नेता प्रतिपक्ष ने आर्थिक स्थिति को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बिहार की प्रति व्यक्ति आय देश में सबसे कम है, लेकिन यहां जमीन और प्रॉपर्टी की कीमतें दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों से भी ज्यादा हो चुकी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के लोग देश में सबसे महंगी बिजली, पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस खरीदने को मजबूर हैं।शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी तेजस्वी यादव ने सरकार को कठघरे में खड़ा किया।

उन्होंने कहा कि बिहार में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का भारी अभाव है। स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा और आईसीटी लैब की स्थिति बेहद खराब है। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में भी बिहार देश के सबसे कमजोर राज्यों में शामिल है।अपने पोस्ट में तेजस्वी यादव ने कई आंकड़ों का जिक्र करते हुए कहा कि बिहार देश का सबसे गरीब राज्य है, यहां सबसे अधिक पलायन, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और बहुआयामी गरीबी देखने को मिलती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि स्कूल ड्रॉपआउट दर सबसे अधिक है, जबकि साक्षरता दर सबसे कम है।इसके अलावा उन्होंने कहा कि किसानों की आय, प्रति व्यक्ति निवेश, उपभोग, कंप्यूटर साक्षरता, बिजली खपत और औद्योगिक इकाइयों की संख्या जैसे कई क्षेत्रों में भी बिहार देश में सबसे पीछे है। तेजस्वी यादव के इस पोस्ट के बाद राज्य की राजनीति में एक बार फिर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है।

