
पटना, 13 मार्च (अविनाश कुमार) बिहार में राज्यसभा की 5 सीटों के लिए 16 मार्च को होने वाले चुनाव से पहले सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। चुनाव को लेकर एनडीए (राजग) ने अपनी रणनीति को अंतिम रूप दे दिया है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पटना स्थित आवास पर गुरुवार को गठबंधन के सभी 202 विधायकों की अहम बैठक हुई, जिसमें एनडीए के पांचों उम्मीदवारों को जिताने की रणनीति तय की गई।एनडीए की ओर से भारतीय जनता पार्टी ने नितिन नवीन और शिवेश राम को उम्मीदवार बनाया है।

वहीं जनता दल यूनाइटेड ने नीतीश कुमार और केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर को मैदान में उतारा है। इसके अलावा राष्ट्रीय लोक मोर्चा ने पार्टी अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा को प्रत्याशी बनाया है। महागठबंधन के उम्मीदवार के मैदान में उतरने से मुकाबला और रोचक हो गया है, क्योंकि पांच सीटों पर छह उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं।बैठक में विधायकों को अलग-अलग समूहों में बांटकर मतदान की रणनीति तय की गई। राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए एक उम्मीदवार को कम से कम 41 वोट चाहिए। इसी गणित को ध्यान में रखते हुए 41-41 विधायकों के चार समूह बनाए गए, जबकि शेष 38 विधायकों को पांचवें उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करने का निर्देश दिया गया।

चुनाव की निगरानी के लिए हर्ष मल्होत्रा और विजय शर्मा को पर्यवेक्षक बनाकर पटना भेजा गया है, जो पिछले दो दिनों से कैंप कर रहे हैं।बिहार विधानसभा में एनडीए के कुल 202 विधायक हैं, जिनमें बीजेपी, जदयू, एलजेपी-आर और हम के सदस्य शामिल हैं। 164 वोट के आधार पर चार सीटें लगभग तय मानी जा रही हैं, लेकिन पांचवीं सीट के लिए एनडीए को तीन अतिरिक्त वोटों की जरूरत है। सूत्रों के अनुसार विपक्षी खेमे में संभावित क्रॉस वोटिंग पर गठबंधन की खास नजर बनी हुई है।

