
समस्तीपुर, 13 मार्च (हर्षिता “अश्क”) समस्तीपुर नगर निगम में शुक्रवार को वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए 360 करोड़ से अधिक का बजट सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। महापौर श्रीमती अनिता राम की अध्यक्षता में आयोजित सामान्य बोर्ड की बैठक में बजट को नगर विकास के लिए दूरदर्शी और जनहितकारी बताते हुए सभी पार्षदों ने समर्थन दिया। बैठक में उप महापौर रामबालक पासवान, नगर आयुक्त ज्ञान प्रकाश, उप नगर आयुक्त, सशक्त स्थायी समिति के सदस्य तथा सभी वार्ड पार्षद उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान सशक्त स्थायी समिति की कार्यवाही का अनुमोदन किया गया, वहीं पिछली सामान्य बोर्ड बैठक की कार्यवाही की भी पुष्टि की गई। बजट पेश होने के बाद सदन में विस्तृत चर्चा हुई और इसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।प्रस्तुत बजट के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026–27 में नगर निगम की कुल अनुमानित प्राप्ति 360 करोड़ 25 लाख रुपये आंकी गई है, जबकि कुल अनुमानित व्यय 274 करोड़ 70 लाख रुपये निर्धारित किया गया है।

इस प्रकार नगर निगम को लगभग 85 करोड़ 54 लाख रुपये के अधिशेष का अनुमान है, जिसे शहर के विकास कार्यों में लगाया जाएगा। नगर निगम की आय के मुख्य स्रोतों में संपत्ति कर, मोबाइल टावर कर और ट्रेड लाइसेंस शुल्क शामिल हैं। इसके अलावा नगर विकास एवं आवास विभाग से विभिन्न योजनाओं के तहत मिलने वाला आवंटन भी निगम की आय का महत्वपूर्ण हिस्सा है।व्यय के प्रमुख मदों में शहर की स्वच्छता और ठोस कचरा प्रबंधन को प्राथमिकता दी गई है।

इसके तहत कचरे से खाद बनाने के लिए कम्पोस्ट पिट निर्माण, मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ), घर-घर कचरा संग्रहण, लैंडफिल साइट और डस्टबीन की खरीद की योजना बनाई गई है। इसके साथ ही शहर को जलजमाव से मुक्ति दिलाने के लिए स्ट्रॉम वाटर ड्रेनेज सिस्टम का निर्माण किया जाएगा। सामाजिक सुविधाओं के विस्तार के तहत योगशाला सेंटर, शवदाह गृह सहित आधुनिक मोक्षधाम, वृद्धों के लिए आश्रय स्थल तथा भूमिहीन शहरी गरीबों के लिए बहुमंजिला आवास निर्माण का भी प्रावधान किया गया है।

बजट में बस स्टैंड, वेंडर जोन, सामुदायिक शौचालय, मूत्रालय, पुस्तकालय, स्ट्रीट लाइट, हाई मास्ट लाइट और सीसीटीवी जैसी सुविधाओं पर भी खर्च किया जाएगा। खास बात यह है कि कुल बजट का 28.66 प्रतिशत यानी लगभग 103 करोड़ 25 लाख रुपये शहरी गरीबों को आधारभूत सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निर्धारित किया गया है।

