
पटना, 13 मार्च (सेंट्रल डेस्क) सारण जिले के डेरनी थाना क्षेत्र अंतर्गत उसी गांव के पांच दरिंदों ने 15 साल की एक नाबालिग छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और उसके बाद उसे जिंदा कुएं में फेंक दिया। करीब आधे घंटे तक अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष करने के बाद, उस मासूम बच्ची ने कुएं के अंदर ही, अपनी मां की आंखों के सामने दम तोड़ दिया। यह घटना बुधवार देर शाम की है। मृत छात्रा घर पर खाना बनाने के लिए लकड़ियां लेने पास में ही बनी अपनी पुरानी झोपड़ी में गई थी।

लेकीन उसे बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि गांव के पांच युवक पहले से ही वहां घात लगाकर बैठे हैं। जैसे ही वह वहां पहुंची, आरोपियों ने उसे दबोच एक सुनसान घर के बाथरूम में घसीटकर ले गए और उसके साथ गैंगरेप किया। इस दौरान लड़की जोर-जोर से चिल्लाने लगी। छात्रा की चीखें सुनकर, उसकी मां और बड़ी बहन सहित आसपास के लोग घबराकर घटनास्थल की ओर दौड़ें। मां के मौके पर पहुंचने से पहले ही, आरोपियों ने लड़की को उसके पैरों से घसीटते हुए 10 मीटर दूर बने एक कुएं तक पहुंचाया। फिर दरिंदों ने छात्रा को गहरे कुएं में धकेल दिया और अंधेरे का फायदा उठाकर खेतों की ओर भाग निकले।

कुएं में 30 मिनट तक मौत से लड़ती रही छात्रा, चीखना-चिल्लाना सुन कर ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए और लड़की को बचाने कि कोशिश करने लगे। लेकिन, कुआं काफी गहरा था। जब तक गांव वाले रस्सी से उसे बाहर निकाल पाए, तब तक वह दम तोड़ चुकी थी। छात्रा के पिता दूसरे राज्य में दिहाड़ी मजदूर के तौर पर काम करते हैं, घटना के समय घर पर केवल महिलाएं ही मौजूद थी।

