
पटना, 16 मार्च (अविनाश कुमार) राज्यसभा की 37 सीटों के लिए चल रही चुनावी प्रक्रिया सोमवार को अपने अंतिम और सबसे अहम चरण में पहुंच गई। देशभर में इन सीटों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज है। इनमें से 26 उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं, जबकि शेष 11 सीटों के लिए आज मतदान हो रहा है। इन सीटों में बिहार की 5, ओडिशा की 4 और हरियाणा की 2 सीटें शामिल हैं। मतदान सुबह 9 बजे से शुरू हो चुका है और शाम 4 बजे तक परिणाम आने की संभावना जताई जा रही है।सबसे ज्यादा नजरें बिहार पर टिकी हुई हैं, जहां पांच सीटों के लिए छह उम्मीदवार मैदान में होने से मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू के उम्मीदवारों के साथ भाजपा के प्रत्याशियों की जीत लगभग तय मानी जा रही है। असली मुकाबला पांचवीं सीट के लिए एनडीए समर्थित उपेंद्र कुशवाहा और राजद के अमरेंद्र धारी सिंह के बीच माना जा रहा है, जिसने सियासी तापमान और बढ़ा दिया है।बिहार विधानसभा में मतदान के दौरान एनडीए के सभी 202 विधायकों ने अपना वोट डाल दिया है, जबकि महागठबंधन के विधायकों की संख्या 37 पर ही अटकी हुई है। कांग्रेस के तीन और राजद के एक विधायक अब तक मतदान नहीं कर पाए हैं। जिन विधायकों के वोट नहीं पड़ सके हैं उनमें राजद के फैसल रहमान और कांग्रेस के मनोहर प्रसाद, सुरेंद्र कुशवाहा तथा मनोज विश्वास शामिल हैं, जिससे सस्पेंस और गहरा गया है।

चुनाव के दौरान एक रोचक घटना भी सामने आई, जब हम पार्टी की विधायक दीपा मांझी और ज्योति मांझी गलती से नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के चेंबर में पहुंच गईं। बोर्ड पर ध्यान न देने के कारण वे अंदर चली गईं, लेकिन तुरंत गलती का एहसास होने पर बाहर लौट आईं।वोट डालने के बाद विधायक अनंत सिंह ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि अगर नीतीश कुमार राजनीति में नहीं रहेंगे तो वे भी चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने इसे अपना आखिरी कार्यकाल बताते हुए कहा कि भविष्य में उनका बेटा राजनीति में सक्रिय होगा। वहीं मंत्री अशोक चौधरी ने दावा किया कि एनडीए पांचों सीटें जीतने जा रहा है, जबकि राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने अपने उम्मीदवार की जीत का भरोसा जताया है।

