
पूर्णिया:-10 अप्रैल(राजेश कुमार झा)पिछले साल के बनिस्पत इस साल पूर्णिया नगर निगम टैक्स वसूली में पूरे बिहार के टॉप 10 में अपनी जगह बना ली है. इसको लेकर बिहार सरकार ने अधिकारियों की पीठ जरूर थपथपाई होगी.दूसरी तरफ नगर निगम कर्मी भी वाह-वाही लुट ही रहे है.लेकिन हकीकत न तो किसी अधिकारी को दिखती है और न ही सरकार को.जनता ने अगर शिकायत की तो कुछ जगह तो बात बन जाती है. लेकिन अधिकतर जगहों पर बातें वहीं के वहीं धरी रह जाती है.जनता भी शिकायत करते-करते थक हार कर जैसा चल रहा है के वसूल पर अपना काम करती है.बताते चलें कि महज कुछ साल पहले पूर्णिया नगर निगम की पहचान बिहार के कुछ गिने-चुने निगमों में होने लगी थी.स्मार्ट सिटी के सर्वेक्षण में आए केंद्रीय टीम ने निगम के काम काज देख कर काफी प्रशंसा की थी.कारण गर्मी और बरसात में मच्छड़ का प्रकोप बढ़ने पर सप्ताह में तीन दिन मच्छड़ धुआं गाड़ी निगम के सभी वार्डों में जाती थी.निगम क्षेत्र में जितनी भी नालियां थी.सभी की सफाई के साथ-साथ ब्लीचिंग का छिड़काव भी होता था.जिससे मच्छड़ का प्रकोप कम रहता था.लेकिन अभी तो महीने दो महीने में कभी कभार मच्छड़ धुआं गाड़ी दिख जाती है. नालियों की साफ-सफाई की तो बात ही दूर है.

