
पटना:-1 मई:सेंट्रल डेस्क:-ब्रिटिश लिंगुआ ने राज्यव्यापी सामाजिक अभियान “लेट्स बिल्ड अ प्रोफेशनल बिहार” की शुरुआत की। इस अवसर पर बोरिंग रोड क्षेत्र में एक जागरूकता मार्च आयोजित किया गया, जो बिहार को एक पेशेवर, कौशल-आधारित और सशक्त समाज में परिवर्तित करने के व्यापक आंदोलन की शुरुआत का प्रतीक है।
प्रख्यात लेखक एवं ब्रिटिश लिंगुआ के प्रबंध निदेशक डॉ. बीरबल झा के नेतृत्व में निकाले गए इस मार्च में छात्रों, शिक्षकों और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह सहभागिता इस बात का संकेत है कि समाज में श्रम-आधारित पहचान से नेतृत्व-उन्मुख पेशेवर संस्कृति की ओर बदलाव के लिए समर्थन बढ़ रहा है।
डॉ. बीरबल झा, जो लंबे समय से जन-जागरूकता अभियानों का नेतृत्व करते रहे हैं, इससे पूर्व दिल्ली में सार्वजनिक स्वास्थ्य जागरूकता के लिए “नमस्ते मार्च”, तथा “सेव द पाग” और “इंग्लिश फॉर ऑल” जैसे अभियानों का नेतृत्व कर चुके हैं। इन पहलों ने संगठित जन-आंदोलन के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन की प्रभावशीलता को सिद्ध किया है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. बीरबल झा ने कहा, “बिहार का भविष्य केवल मेहनत से नहीं, बल्कि पेशेवर प्रदर्शन से तय होगा।” उन्होंने कहा कि राज्य की चुनौती प्रतिभा की कमी नहीं, बल्कि अवसर, आत्मविश्वास और पेशेवर कौशल की कमी है। “हमें अपने युवाओं को केवल श्रमिक नहीं, बल्कि नेतृत्वकर्ता बनने के लिए तैयार करना होगा,” उन्होंने आगे कहा ।
उन्होंने अभियान की चार-चरणीय कार्ययोजना प्रस्तुत की, जिसमें जागरूकता एवं जन-संपर्क, कौशल एवं संचार प्रशिक्षण, पेशेवर तैयारी एवं रोजगार, तथा नेतृत्व एवं उद्यमिता विकास शामिल हैं। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक चरण में हजारों युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा और इसे आगे चलकर पूरे राज्य में विस्तारित किया जाएगा।
संचार को एक महत्वपूर्ण जीवन कौशल बताते हुए उन्होंने कहा कि आत्मविश्वासपूर्ण अभिव्यक्ति शिक्षा, रोजगार और उद्यम के अवसरों के द्वार खोलती है। यह अभियान कम-कौशल आधारित पलायन को कम करने के साथ-साथ राज्य में पेशेवरता, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व की संस्कृति को बढ़ावा देगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार के जागरूकता-आधारित कौशल अभियान बिहार में आर्थिक गतिशीलता को गति दे सकते हैं—युवाओं को कम आय वाले श्रम से उच्च मूल्य वाले पेशेवर कार्यों की ओर अग्रसर कर, स्थानीय उद्यमिता और रोजगार सृजन को बढ़ावा देकर, तथा राज्य के भीतर अवसर बढ़ाकर मजबूरीवश पलायन को कम कर सकते हैं। इससे बिहार एक प्रतिस्पर्धी प्रतिभा केंद्र के रूप में उभर सकता है।
तीन दशकों से अधिक के अनुभव के साथ ब्रिटिश लिंगुआ इस पहल में ज्ञान एवं प्रशिक्षण साझेदार की भूमिका निभाएगा और अपने कार्यक्रमों को सामुदायिक जागरूकता एवं संस्थागत सहयोग के माध्यम से व्यापक स्तर पर लागू करेगा।
इस अवसर पर प्रो. मनोज कुमार मिश्रा, शैक्षणिक निदेशक, ब्रिटिश अमेरिकन यूनिवर्सिटी, ने कहा कि कड़ी मेहनत, कौशल, संचार और समर्पण ही नेतृत्व की वास्तविक नींव हैं।
सचिन उपाध्याय, लॉ गुरु, ने कहा, “यह पहल बिहार के कार्यबल को कौशल, दृष्टि और एकता के माध्यम से एक सशक्त पेशेवर भविष्य की ओर अग्रसर करती है।”
कार्यक्रम के अंत में सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक हरिद्वार ठाकुर ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए कहा कि बिहार का भविष्य उसके युवाओं पर निर्भर करता है।
कार्यक्रम का समापन इस आह्वान के साथ हुआ कि सभी वर्ग मिलकर एक “प्रोफेशनल बिहार” के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएँ।

