
पटना,डेस्क। बिहार की राजनीति में गुरुवार को एक नया अध्याय लिखा गया है। जब बिहार में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सरकार के नए मंत्रिमंडल का भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। राजधानी पटना के गांधी मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में कुल 32 मंत्रियों ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। समारोह राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का भी केंद्र बना,जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित केंद्र व कई राज्यों के दिग्गज नेता मौजूद रहे। इस
मंत्रिमंडल में भाजपा के 15, जदयू के 13,एलजेपी (रामविलास) के 2, हम के 1 एवं आरएलएम के 1 नेता को जगह दी गई है। इस मंत्रिमंडल में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार व गोपालगंज के बैकुंठपुर विधायक मिथलेश तिवारी सहित कई नए चेहरे शामिल हुए।
शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह,केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा,भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन समेत कई केंद्रीय मंत्री और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए। बिहार से जुड़े केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, ललन सिंह,जीतनराम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और खास बना दिया।
मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री – सम्राट चौधरी
उपमुख्यमंत्री – विजय चौधरी
उपमुख्यमंत्री – बिजेंद्र प्रसाद यादव
भाजपा कोटे से बने मंत्री
राम कृपाल यादव, केदार गुप्ता, नीतीश मिश्रा, मिथलेश तिवारी, रमा निषाद, विजय कुमार सिन्हा, दिलीप जायसवाल, प्रमोद चंद्रवंशी, लखेन्द्र पासवान, संजय टाइगर, इंजीनियर कुमार शैलेन्द्र, नंद किशोर राम, रामचंद्र प्रसाद, अरुण शंकर प्रसाद और श्रेयसी सिंह।
जदयू कोटे से बने मंत्री
निशांत कुमार, श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, लेसी सिंह, मदन सहनी, सुनील कुमार, जमा खान, भगवान सिंह कुशवाहा, शीला कुमारी, दामोदर राउत, बुलो मंडल और रत्नेश सदा।
एलजेपी (रामविलास) कोटे से मंत्री
संजय पासवान और संजय सिंह।
हम से मंत्री
संतोष मांझी।
आरएलएम से मंत्री
दीपक प्रकाश।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मंत्रिमंडल आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने की कोशिश है। खासकर युवा चेहरों और पिछड़े वर्गों को प्रतिनिधित्व देकर सरकार ने बड़ा संदेश देने का प्रयास किया है।

