पटना 29 अगस्त (अशोक “अश्क”) बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) में अब तक की सबसे बड़ी जानकारी सामने आई है। गठबंधन के अंदर सीटों के बंटवारे का फॉर्मूला तय हो गया है और सभी पांच घटक दलों के बीच सीटों का बंटवारा लगभग फाइनल हो चुका है। यह खबर राजनीतिक हलकों में बड़ी हलचल पैदा कर रही है।

विश्वसनीय सूत्रों और एक रिपोर्ट रिपोर्ट के अनुसार, बिहार की कुल 243 विधानसभा सीटों में से सबसे ज्यादा 102 सीटों पर जेडीयू चुनाव लड़ेगी। इसके बाद बीजेपी को 101 सीटें दी गई हैं। गठबंधन में तीसरे नंबर पर चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) है जिसे **20 सीटें मिली हैं।
वहीं जीतन राम मांझी की हम और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी रालोसपा को 10-10 सीटें दी जाएंगी। हालांकि 1-2 सीटों के इधर-उधर होने की संभावना बनी हुई है।
हालांकि इन आंकड़ों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। सूत्रों के मुताबिक, सीट बंटवारे को लेकर शीघ्र ही साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस या बयान जारी किया जा सकता है। लेकिन इन आंकड़ों के सामने आने के बाद यह लगभग तय माना जा रहा है कि एनडीए गठबंधन की सीट शेयरिंग की तस्वीर साफ हो चुकी है।
जहां एक ओर सीटों का बंटवारा फाइनल बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर कौन सी पार्टी कौन से क्षेत्र से चुनाव लड़ेगी, इस पर अभी मंथन बाकी है। माना जा रहा है कि यह प्रक्रिया जल्द शुरू होगी, ताकि उम्मीदवारों के चयन में आसानी हो सके।
हाल ही में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दिल्ली दौरे पर गए थे, जिसके बाद यह बड़ा अपडेट सामने आया है। इससे स्पष्ट संकेत मिल रहा है कि एनडीए में नीतीश कुमार को नेता के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, और यही कारण है कि जेडीयू को सबसे अधिक सीटें दी गई हैं।
एनडीए द्वारा किया गया यह सीट बंटवारा जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए संतुलित नजर आता है। छोटे दलों को सम्मानजनक हिस्सेदारी देकर गठबंधन को मजबूत बनाए रखने की रणनीति स्पष्ट दिख रही है।
यदि यह फार्मूला अंतिम रूप लेता है, तो बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में नीतीश कुमार एक बार फिर एनडीए के चेहरे के रूप में सामने आ सकते हैं, और बीजेपी इस रणनीति में उनके सहयोगी की भूमिका में नजर आएगी।

