कैमूर, 30 अगस्त (अशोक “अश्क”) कैमूर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां जल संसाधन विभाग खुद ही अपने कार्यालय और जमीन की नीलामी के कगार पर आ गया है। कोर्ट ने कैमूर स्थित विभाग के कार्यालय सहित 3.75 एकड़ जमीन की नीलामी का आदेश जारी किया है। इस आदेश के बाद कर्मचारी डुगडुगी बजाते हुए कार्यालय भवन पर नीलामी का इश्तेहार चिपकाने पहुंचे, जिसे देखकर सभी लोग हैरान रह गए।

मामला 1989-90 का है, जब जल संसाधन विभाग ने बहुआरा वियर सह ब्रिज का निर्माण मेसर्स शिव शंकर कंस्ट्रक्शन कंपनी प्राइवेट लिमिटेड को सौंपा था। कंपनी ने 1992 में कार्य पूरा कर लिया था, लेकिन विभाग ने मात्र 28 लाख 16 हजार 33 रुपये का भुगतान नहीं किया। कंपनी पांच साल तक भुगतान का इंतजार करती रही, लेकिन विभाग की ओर से एक भी रुपये का भुगतान नहीं हुआ।
थक हारकर कंपनी ने भभुआ व्यवहार न्यायालय में केस दायर किया। 1998 में सब जज-5 ने 16 प्रतिशत ब्याज सहित भुगतान का आदेश दिया था, जिसमें विभाग को 19 मार्च 2019 से तीन महीने के भीतर भुगतान करना था। इसके बाद भी जल संसाधन विभाग ने भुगतान नहीं किया।
अंत में कंपनी ने मोहनियां जिला न्यायालय का रुख किया। एसीजेएम-1 संगम कुमार ने विभाग के कार्यालय और जमीन को नीलाम करने का आदेश दिया। कोर्ट के आदेश के बाद नजीर और अधिवक्ता की मौजूदगी में नापी कर डुगडुगी बजाकर नीलामी का नोटिस चिपकाया गया।
28 लाख रुपये का मामला अब ब्याज सहित करीब डेढ़ करोड़ तक पहुंच चुका है, जिसके कारण कोर्ट ने इस सख्त कदम का सहारा लिया है।

