
फारबिसगंज,संवाददाता। भारत-नेपाल सीमा पर अवैध गतिविधियों के खिलाफ सशस्त्र सीमा बल की 56वीं वाहिनी बथनाहा ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 लाख 56 हजार रुपये की नेपाली मुद्रा के साथ दो कथित तस्करों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान अवैध नेपाली करेंसी की ढुलाई में इस्तेमाल किया जा रहा एक चार पहिया वाहन भी जब्त किया गया है।
एसएसबी की सीमा चौकी बेला के जवानों ने शनिवार, 6 सितंबर को खुफिया सूचना के आधार पर विशेष गश्ती अभियान चलाकर यह सफलता हासिल की।
-बेला गांव से भीमनगर भेजी जा रही थी नेपाली मुद्रा
-एसएसबी को गोपनीय सूचना मिली थी कि भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र के बेला गांव, वार्ड संख्या-07 से एक चार पहिया वाहन के जरिए अवैध नेपाली मुद्रा सुपौल जिले के भीमनगर की ओर भेजी जा रही है। सूचना मिलते ही सहायक उप निरीक्षक (सामान्य) सुनील कुमार मीणा के नेतृत्व में एक विशेष गश्ती दल का गठन किया गया। टीम ने सीमा स्तंभ संख्या 198/2 से करीब 300 मीटर भारतीय क्षेत्र की ओर, बेला गांव में घेराबंदी कर संदिग्ध वाहनों पर नजर रखनी शुरू कर दी। इसी दौरान एक सफेद रंग की महिंद्रा वीरो वाहन को आते देख जवानों ने उसे रोक लिया और गहन तलाशी शुरू की।
-काले प्लास्टिक बैग में छिपाकर रखे थे नेपाली नोट
वाहन की तलाशी के दौरान जवानों को एक काले रंग की प्लास्टिक की थैली मिली। थैली की जांच करने पर उसमें कुल 6,56,000 नेपाली रुपये बरामद किए गए।
बरामद नेपाली मुद्रा में—
1000 रुपये के 458 नोट, कुल मूल्य 4,58,000 नेपाली रुपये
500 रुपये के 396 नोट, कुल मूल्य 1,98,000 नेपाली रुपये शामिल हैं। मौके पर मौजूद लोग बरामद नेपाली मुद्रा के संबंध में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके, जिसके बाद एसएसबी ने नेपाली करेंसी और वाहन को जब्त कर लिया।
-सुपौल के रहने वाले हैं दोनों गिरफ्तार युवक
एसएसबी ने मौके से दो भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में सुपौल जिले के बीरपुर थाने के बौराहा गांव निवासी सदानंद यादव का पुत्र रूपेश कुमार यादव बनेली पट्टी गांव के उमेश कदज्ञा के पुत्र उदय कुमार शामिल है।
-सीमा शुल्क विभाग को सौंपे जाएंगे आरोपी
एसएसबी अधिकारियों के अनुसार, कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए मौके पर ही जब्ती सूची तैयार की गई। बरामद नेपाली मुद्रा, जब्त वाहन और गिरफ्तार दोनों आरोपियों को अग्रिम कानूनी कार्रवाई के लिए सीमा शुल्क कार्यालय, फारबिसगंज को सुपुर्द किया जाएगा। भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में इतनी बड़ी मात्रा में नेपाली मुद्रा की बरामदगी को सुरक्षा एजेंसियां गंभीरता से देख रही हैं। अब आगे की जांच में यह पता लगाया जाएगा कि इतनी बड़ी रकम कहां से लाई गई थी और इसे भीमनगर भेजने के पीछे किस नेटवर्क की भूमिका थी।
















