

पूर्णिया:-13 सितम्बर (राजेश कुमार झा)आए दिन सड़कों पर दुर्घटना एवं उससे होने वाली जान-माल का नुकसान से कई घर उजड़ गए है.उनसे पूछिए जिसने सड़क दुर्घटना में अपनों को खोया है.किसी ने बेटा खोया है,तो किसी ने पति.यहां तक कि किसी ने अपना पूरा परिवार तक को खो दिया है.बताते चलें कि पूर्णिया जिले में पिछले 5 वर्षों में सड़क दुर्घटना में काफी तेजी देखी गई है. जिसकी वजह है हाइस्पीड.अधिकतर सड़क दुर्घटनाओं को आगे गौर से देखें तो दो मुख्य वजह सामने आती है.पहली हाइस्पीड और दूसरी ओवरटेक.इस सड़क दुर्घटना को रोकने के लिए बिहार सरकार ने कई तरह के उपाय किए.लेकिन दुर्घटना में कमी नहीं दिखी. इस मामले में पूर्णिया जिला भी अछूता नहीं रहा.पिचके वर्ष 2025 का सड़क दुर्घटना का आंकड़ा देखें तो आपको ये जानकर आश्चर्य होगा कि जिले में सड़क दुर्घटना में वृद्धि हुई है. लेकिन पिछले 5 सालों में पहली बार अगस्त 2026 महीने में सड़क दुर्घटना में सबसे कमी देखी गई है. अगस्त 2026 में मात्र 11 सड़क दुर्घटना हुई.जिससे पूर्णिया जिला सड़क दुर्घटना में कमी लाने में पूरे बिहार में अव्वल रहा.इसकी सबसे बड़ी वजह है चालान का डर.बताते चलें कि पूर्णिया पुलिस ने सड़क दुर्घटना में कमी लाने को लेकर एक स्पेशल ड्राइव चलाई.पूर्णिया जिला प्रशासन ने इस स्पेशल ड्राइव में रोको-टोको अभियान शुरू कर स्पीड चलने वालों और ओवरटेक करने वालों का चालान काटना शुरू किया.जिसका नतीजा महज तीन महीने के भीतर पब्लिक को दिखने लगा.जिला प्रशासन ने ट्रैफिक और परिवहन की मदद से लाखों रुपयों का चालान काटा.जिससे अनियंत्रित चलने वालों के मन में ये डर पैदा हो गया कि कभी भी मेरी गाड़ी का चालान कट सकता है. इस चालान का डर का सबसे अधिक असर सड़क दुर्घटना पर पड़ा और अगस्त 2026 में मात्र 11 दुर्घटना दर्ज हुई.जिससे पूर्णिया जिला पूरे बिहार में अव्वल रहा. पब्लिक कह रही है कि अगर इसी तरह चालान का डर लोगों में बना रहेगा तो वो दिन दूर नहीं की अगले कुछ महीनों में पूर्णिया में इक्का-दुक्का ही दुर्घटना की जानकारी मिलेगी और लोग आराम से सड़कों पर चल सकेंगे.
















