सीतामढ़ी, 1 सितम्बर (सेंट्रल डेस्क) जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने एक बार फिर से अपने बयानों से बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है। सीतामढ़ी के बाजपट्टी हाई स्कूल मैदान में आयोजित ‘बिहार बदलाव जनसभा’ को संबोधित करने के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने भाजपा सांसद संजय जायसवाल और राजद नेता संजय यादव पर तीखे शब्दों में हमला बोला।

प्रशांत किशोर ने संजय जायसवाल द्वारा भेजे गए लीगल नोटिस को लेकर तंज कसते हुए कहा, “कहावत है, जब गीदड़ की मौत आती है तो वह शहर की ओर भागता है। संजय जायसवाल भी उसी राह पर हैं। उन्हें यह अंदाजा नहीं कि वे किससे उलझ रहे हैं।” उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को उन्होंने मानसिक रूप से बीमार कहा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल पर मेडिकल कॉलेज कब्जा करने का आरोप लगाया, लेकिन उनमें हिम्मत नहीं हुई कि वे कानूनी नोटिस भेजें। मगर संजय जायसवाल ने नोटिस भेजकर खुद को ‘फड़फड़ाता हुआ गीदड़’ साबित कर दिया है।
PK ने आगे कहा कि कई नेताओं में डर फैला हुआ है कि अगला नंबर उनका न हो। उन्होंने कहा, “दिलीप जायसवाल तो पहले ही मूर्छित होकर गिर गए हैं, अब नए खिलाड़ी मैदान में हैं। इनका भी इलाज होगा।”
इस दौरान राजद नेता संजय यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए, जिसमें उन्होंने प्रशांत किशोर को भाजपा की ‘बी टीम’ बताया था, PK ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा, “संजय यादव हरियाणा के हैं, बिहार के नहीं। फिर भी वह बिहार को चलाना चाहते हैं। जैसे अमित शाह दिल्ली में बैठकर बिहार को नियंत्रित करना चाहते हैं, वैसे ही हरियाणा का यह आदमी बिहार पर राज करना चाहता है।” उन्होंने तंज करते हुए पूछा कि जब राबड़ी देवी दिलीप जायसवाल को अपना भाई बताती हैं, तो वे भाजपा के कैसे विरोधी हैं, और PK भाजपा की बी टीम कैसे हो सकते हैं?
प्रशांत किशोर ने इस मौके पर सीतामढ़ी की जनता से कुछ बड़े वादे भी किए। उन्होंने कहा कि दिसंबर 2025 से बिहार में 60 वर्ष से अधिक उम्र के सभी बुजुर्गों को ₹2000 मासिक पेंशन दी जाएगी। साथ ही 15 साल से कम उम्र के बच्चों की निजी स्कूलों में पढ़ाई की फीस सरकार देगी, जब तक सरकारी स्कूलों की स्थिति में सुधार नहीं होता।
उन्होंने यह भी ऐलान किया कि 2025 की दिवाली और छठ बिहार की बदहाली की आखिरी छठ और दिवाली होगी। उसके बाद राज्य के युवाओं को दूसरे राज्यों में पलायन नहीं करना पड़ेगा। PK ने कहा, “छठ के बाद 10 से 12 हजार रुपये मासिक की आमदनी बिहार के 50 लाख युवाओं को यहीं दी जाएगी।”
इस जनसभा और संवाद के माध्यम से प्रशांत किशोर ने स्पष्ट संकेत दे दिया कि उनका मिशन केवल चुनावी बयानबाजी नहीं, बल्कि बिहार में व्यवस्था परिवर्तन की ठोस तैयारी है।

