पूर्णिया, 11 सितंबर(राजेश कुमार झा) खुश्कीबाग सब्जीमण्डी बेहतर एवं ताजा सब्जियों के लिए जाना जाता है.जहां दूर दूर से व्यापारी लोग सब्जी के लिए आते है.लेकिन इसका दूसरा पहलू भी है.जिस पर शायद ही किसी का ध्यान जल्दी जाता हो.लेकिन पुलिस का ध्यान जरूर जाता है.उसके बाबजूद पुलिस इतनी बेबस क्यों है.

बताते चलें कि खुश्कीबाग सब्जीमण्डी की आड़ में वर्षों से सभी तरह के काले धंधे बेरोकटोक चल रहे है.सब्जीमण्डी में मंडी माफियाओं ने अपना एक बड़ा रैकेट बना लिया है.जो सब्जीमण्डी की आड़ में जुआ, शराब,लॉटरी,स्मैक एवं गांजा का अवैध धंधा बेरोकटोक चलाता है.जिसकी जानकारी पुलिस को भी रहती है.उसके बाद भी पुलिस क्यों इतनी बेबस है.ये पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह लगाता है.बताते चलें कि खुश्कीबाग सब्जीमण्डी का अगर पूरा इतिहास जानना हो तो सदर थाना में पिछले 5 सालों का इतिहास पर गौर करें.आपको सभी काले धंधे का पूरा काला चिट्ठा मिल जाएगा.सवाल आखिर ऐसा क्या है खुश्कीबाग सब्जीमण्डी में जहां वर्चस्व को लेकर आए दिन गोलीबारी की घटना होते रहती है.

