पूर्णिया, 14 सितम्बर ( मोहम्मद जमशेद) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सीमांचल दौरे से ठीक पहले बिहार की सियासत अचानक तेज हो गई है। शुक्रवार रात नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पूर्णिया के सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच) का औचक निरीक्षण किया और यहां की बदहाल व्यवस्था को उजागर कर एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला।

तेजस्वी यादव ने मरीजों से बातचीत की, अस्पताल के उपकरणों की दुर्दशा देखी और सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए लिखा कि यह किसी पीएचसी की नहीं, बल्कि एक तथाकथित मेडिकल कॉलेज की हालत है। उन्होंने एनडीए सरकार पर स्वास्थ्य सेवाओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा, “हजारों-करोड़ों खर्च कर इमारतें तो बनवा दी गईं, लेकिन डॉक्टर, टेक्नीशियन और स्वास्थ्यकर्मी नहीं हैं। उपकरण धूल खा रहे हैं और मरीज इलाज के लिए भटक रहे हैं।”
तेजस्वी ने इसे 20 वर्षों की एनडीए सरकार की असफलता करार दिया और कहा कि भ्रष्टाचार ही इस सरकार की पहचान है। उनका कहना था कि कमीशन के लालच में महंगे उपकरण खरीदे जाते हैं, लेकिन उन्हें चलाने के लिए आवश्यक स्टाफ की बहाली नहीं होती।
पीएम मोदी जहां सीमांचल के 24 विधानसभा क्षेत्रों में विकास का संदेश देने आ रहे हैं, वहीं तेजस्वी ने स्वास्थ्य व्यवस्था को मुद्दा बनाकर राजनीतिक वार छेड़ दिया है। अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि क्या पीएम मोदी अपने भाषण में इन आरोपों का जवाब देंगे या उन्हें नजरअंदाज कर आगे बढ़ेंगे।

