पटना, 14 सितम्बर (अशोक “अश्क”) नरेंद्र मोदी सरकार में एमएसएमई मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के अध्यक्ष जीतनराम मांझी ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने अपनी पार्टी को मान्यता प्राप्त दल का दर्जा देने की मांग करते हुए कहा कि चुनाव में सीटों का बंटवारा उसी आधार पर होना चाहिए।

एक कार्यक्रम में बोलते हुए मांझी ने कहा कि हम पार्टी 2015 से रजिस्टर्ड है, अब इसे मान्यता प्राप्त दल का दर्जा मिलना चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि सीटों का बंटवारा इस तरह हो कि पार्टी यह दर्जा प्राप्त कर सके।
हालांकि जब उनसे पूछा गया कि वे कितनी सीटें चाहते हैं, तो उन्होंने कहा, “पर्दा रहने दो, पर्दा मत उठाओ।” साथ ही जोड़ा कि “मोदी जी और नीतीश जी सब जानते हैं कि मान्यता के लिए कितनी सीट चाहिए।”
पूर्व में मांझी 40 सीटों की मांग कर चुके हैं। हाल ही में उन्होंने कहा था, “मेहनत हमारी और सीट उनकी, ये नहीं चलेगा, जरूरत पड़ी तो हम अकेले भी लड़ सकते हैं।” हालांकि बाद में उन्होंने अपने बयान पर सफाई भी दी थी।
कार्यक्रम के दौरान मांझी ने अपने बेटे संतोष सुमन को मुख्यमंत्री पद के योग्य बताया और कहा कि अब उनकी उम्र 81 साल हो चुकी है, ऐसे में वे अपनी पार्टी को आगे बढ़ाना चाहते हैं।
उन्होंने यह भी दोहराया कि मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने बिहार के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए, लेकिन उन्हें हटाने के कारण वे लागू नहीं हो सके। नीतीश कुमार ने उनमें से 23 फैसलों को लागू किया, अब बाकी फैसले भी लागू होने चाहिए।
मांझी ने एक बार फिर राजद और लालू परिवार पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार और कमजोर तबकों की स्थिति के लिए वे ही जिम्मेदार हैं। वहीं उन्होंने नरेंद्र मोदी को नीतीश कुमार का भगवान बताया।
एक सवाल के जवाब में मांझी ने कहा, “मैंने कभी मुख्यमंत्री बनने का सपना नहीं देखा था, लेकिन जनता के आशीर्वाद से यह जिम्मेदारी मिली।” नीतीश कुमार को लेकर उन्होंने कहा कि वे “बिल्कुल फिट” हैं और विपक्ष को उनपर सवाल उठाने का कोई हक नहीं है।
भूमि सुधार को छोड़कर नीतीश कुमार को उन्होंने सभी क्षेत्रों में शत-प्रतिशत अंक दिए।
मांझी के इन बयानों से स्पष्ट है कि वे चुनाव से पहले न सिर्फ अपनी पार्टी की हिस्सेदारी तय करने के प्रयास में हैं, बल्कि राजनीतिक दबाव बनाकर अपनी सक्रिय भूमिका भी सुनिश्चित करना चाहते हैं।

