नई दिल्ली, 27 सितंबर (अशोक “अश्क”) संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के चौथे दिन अमेरिका में बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस को तीव्र विरोध का सामना करना पड़ा। न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के बाहर प्रदर्शनकारियों ने “यूनुस गो बैक” और “यूनुस पाकिस्तान की” जैसे नारे लगाते हुए उनके खिलाफ नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शनकारियों ने नोबल पुरस्कार विजेता यूनुस पर पक्षपात, खराब शासन और अल्पसंख्यकों पर हमलों की अनदेखी के गंभीर आरोप लगाए।

प्रदर्शन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है, जिसमें लोग हाथों में पोस्टर और बैनर लिए हुए नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि विरोध कर रहे लोगों में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी मूल के लोग शामिल थे, जो देश में चल रही अस्थिरता और अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों को लेकर चिंतित हैं।
गौरतलब है कि वर्ष 2024 में बांग्लादेश में हुए जेन जी आंदोलन के बाद लंबे समय से सत्ता में रहीं शेख हसीना की सरकार को अपदस्थ कर दिया गया था। इसके बाद एक नई अंतरिम सरकार का गठन हुआ, जिसके मुखिया के रूप में मोहम्मद यूनुस को नियुक्त किया गया।
संयुक्त राष्ट्र महासभा में यह मोहम्मद यूनुस का दूसरा संबोधन था। उन्होंने अपने भाषण में कहा, “पिछले साल इस प्रतिष्ठित मंच से मैंने आपसे एक ऐसे देश की बात की थी, जिसने हाल ही में एक आंदोलन देखा था। आज मैं यहां यह बताने के लिए खड़ा हूं कि हम उस आंदोलन से काफी आगे निकल चुके हैं।”
हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने इस दावे को खारिज करते हुए यूनुस सरकार पर लोकतंत्र की अनदेखी करने और अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदू समुदाय पर हमलों को रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि यूनुस के नेतृत्व में बनी अंतरिम सरकार बदलाव के वादे से भटक चुकी है और पुरानी गलतियों को दोहरा रही है।
इस विरोध ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर बांग्लादेश की अंतरिम सरकार की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं यह संकेत भी दिया है कि देश के अंदरूनी हालात अभी भी सामान्य नहीं हैं।

