नई दिल्ली, 29 सितम्बर (अशोक “अश्क”) दिल्ली हाईकोर्ट में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जल्द ही एक विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। अधिकारियों ने इसके लिए स्थान चिह्नित कर लिया है। इस कंट्रोल रूम में एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) और डीडीएमए (दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण) के कर्मचारी तैनात किए जाएंगे, जो हाईकोर्ट के न्यायाधीशों, वकीलों और कर्मचारियों को आपदा की स्थिति में सुरक्षा उपायों की जानकारी देंगे।

उन्हें आतंकी हमले, भूकंप, बम धमाके जैसी आपात स्थितियों में सुरक्षात्मक कदम उठाने और सुरक्षित निकासी की प्रक्रिया समझाई जाएगी। दिल्ली सरकार के अधिकारियों के अनुसार, हाईकोर्ट एक संवेदनशील क्षेत्र है, जहां पूर्व में दो बार बम धमाके हो चुके हैं। हाल ही में कोर्ट को धमकी भरा ई-मेल भी मिला था, जिससे कोर्ट परिसर में हड़कंप मच गया था।
वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि वर्तमान में हाईकोर्ट में कार्यरत अधिकांश कर्मचारी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षित नहीं हैं। इस कारण कोर्ट परिसर को तेजी से खाली कराने या सुरक्षित निकासी की कोई ठोस योजना भी नहीं है।
दिल्ली सरकार इससे पहले ऐसा पहला इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 पर बना चुकी है। वहां की तर्ज पर ही हाईकोर्ट में यह व्यवस्था की जा रही है। साथ ही, कोर्ट के रिकॉर्ड रूम से सभी स्विच और बोर्ड हटाकर आग लगने की संभावनाओं को भी कम किया जाएगा।

