नई दिल्ली, 29 सितम्बर (अशोक “अश्क”) संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत द्वारा लगाए गए तीखे आरोपों से पाकिस्तान तिलमिला उठा है। भारत के राजनयिक ने पाकिस्तान को ‘टेररिस्तान’ कहकर संबोधित किया, जिसके बाद से पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र के मंच पर विरोध दर्ज कराया है। पाकिस्तान ने भारत पर उसका ‘नाम बिगाड़ने’ का आरोप लगाया है और इसे बेहद शर्मनाक बताया है।
दरअसल, शनिवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने अपने भाषण में बिना पाकिस्तान का नाम लिए उसे वैश्विक आतंकवाद का केंद्र बताया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तानी मिशन में द्वितीय सचिव मोहम्मद राशिद ने भारत पर आरोप लगाया कि वह पाकिस्तान की छवि खराब कर रहा है।

राशिद के बयान के जवाब में भारत के द्वितीय सचिव रेंटला श्रीनिवास ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि यह गौर करने वाली बात है कि जिस देश का नाम नहीं लिया गया, वही सबसे पहले जवाब देने खड़ा हो गया, जो यह दिखाता है कि पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद फैलाने की नीति को खुद ही स्वीकार कर रहा है।
श्रीनिवास ने कहा, “कोई भी झूठ या तर्क टेररिस्तान के अपराधों को छुपा नहीं सकता।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि पाकिस्तान की आतंकी नीतियों के कारण न केवल उसके पड़ोसी बल्कि पूरी दुनिया प्रभावित हो रही है।
भारत के इस बयान के बाद पाकिस्तान ने कड़ा विरोध जताया। राशिद ने कहा, “एक संप्रभु राष्ट्र के नाम का मजाक उड़ाना केवल अशोभनीय ही नहीं, बल्कि जानबूझकर पूरे देश को बदनाम करने की कोशिश है।” उन्होंने भारत पर आरोप लगाया कि इस तरह की भाषा इस्तेमाल कर वह अपनी ही विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचा रहा है।
संयुक्त राष्ट्र के मंच पर भारत और पाकिस्तान के बीच इस तीखी बहस ने एक बार फिर आतंकवाद के मुद्दे पर दोनों देशों के विरोधाभास को उजागर कर दिया है। भारत जहां दुनिया को यह समझाने में लगा है कि पाकिस्तान आतंकियों को समर्थन देता है, वहीं पाकिस्तान इस आरोप से बौखलाकर बचाव की मुद्रा में नजर आया।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब भारत ने पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर आड़े हाथों लिया हो। पहले भी भारत संयुक्त राष्ट्र और अन्य वैश्विक मंचों पर पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर कठघरे में खड़ा करता रहा है। इस बार ‘टेररिस्तान’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर भारत ने अपना रुख और भी स्पष्ट और तीखा कर दिया है।

