समस्तीपुर, 29 सितंबर (राजेश झा) समस्तीपुर प्रखंड के मध्य विद्यालय बेला पंचरुखी. में प्रधानाध्यापक मुकेश कुमार के नेतृत्व में दो दिवसीय डांडिया नृत्य कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में कक्षा 3 से 8 तक की दर्जनों छात्राओं ने भाग लिया और पारंपरिक नृत्य शैली में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

कार्यशाला की शुरुआत करते हुए प्रधानाध्यापक मुकेश कुमार ने डांडिया के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह नृत्य भगवान शिव और माता पार्वती के विवाहोत्सव से जुड़ा है। डांडिया का गोल घेरा जन्म से मृत्यु तक के चक्र को दर्शाता है और यह शरीर में ऊर्जा का संतुलन बनाते हुए सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न करता है।

उन्होंने बताया कि डांडिया नृत्य मां दुर्गा के शस्त्र का प्रतीक भी है, जो अच्छाई और बुराई के बीच संघर्ष को दर्शाता है। यह नृत्य मुख्य रूप से गुजरात और राजस्थान में किया जाता है, लेकिन अब इसका प्रभाव देश-विदेश तक फैल चुका है।
ग्रामीण क्षेत्र में स्थित इस विद्यालय में बच्चों को इस सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का प्रयास किया गया, जिससे उनके भीतर आत्मविश्वास और सांस्कृतिक समझ का विकास हो सके। कार्यशाला के दौरान बच्चों में उत्साह और उमंग का माहौल देखने को मिला।

