समस्तीपुर, 30 सितम्बर (मोहम्मद जमशेद) शारदीय नवरात्र को लेकर समस्तीपुर और आसपास का क्षेत्र भक्ति-भाव से सराबोर है। मंदिर, मोहल्ला, पंडाल और घरों में दुर्गा सप्तशती के मंत्र गूंज रहे हैं। वहीं, भव्य सजावट और बिजली की रौशनी के बीच कुछ ऐसी पूजा भी हैं, जो सादगी, श्रद्धा और परंपरा का प्रतीक बन चुकी हैं।

ऐसी ही एक पूजा हाजीपुर के सुभाष नगर स्थित सेनानी सदन में पिछले 28 वर्षों से हो रही है। यह पूजा पहले सहदेईबुज़ुर्ग के शारदा सदन में होती थी, जिसे स्वातंत्र्यवीर विश्वनाथ प्रसाद श्रीवास्तव के निधन के बाद उनके पुत्र, साहित्यकार रवीन्द्र कुमार रतन ने हाजीपुर लाकर आरंभ किया।
यहाँ प्रतिमा की जगह माँ दुर्गा की तस्वीर स्थापित की जाती है, लेकिन अनुष्ठान पूरी श्रद्धा और विधि-विधान से होता है। आचार्य पंकज मिश्र की अगुवाई में दुर्गा सप्तशती, कुञ्जिका स्तोत्र, कवच, अर्गला, गायत्री मंत्र आदि का पाठ होता है।
इस पूजा की खास बात यह है कि परिवार के सदस्य स्वेच्छा से पाठ का संकल्प लेते हैं। मोहल्ले के लोगों का विश्वास है कि यहाँ माँ से मांगी गई मनोकामना ज़रूर पूर्ण होती है। आयोजन में सरोज वाला सहाय, प्रीति प्रकाश, पंकज मिश्र, प्रमोद सिंह सहित कई लोगों का योगदान सराहनीय रहता है।

